Kanpur: केडीए काे अभी तक नहीं मिला जले हुए कॉम्प्लेक्स का नक्शा, आईआईटी की रिपोर्ट आने में लगेंगे अभी कई दिन
बांसमंडी में जलीं छह इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। इन इमारतों को पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया है। इमारतों के अंदर कोई न जा सके इसके लिए बाहर चेतावनी बोर्ड भी लगे हैं। अब तक 70 व्यापारी अपना बचा हुआ सामान जली हुईं इमारतों से निकाल चुके हैं।
विस्तार
कानपुर के बासमंडी स्थित पांच कॉम्पलेक्स में लगी आग के बाद अब पांच कॉम्प्लेक्स को गिराया जाएगा या मरम्मत की जाएगी। यह फैसला आईआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। इसी तरह केडीए की ओर से इन भवनों के नक्शे की कॉपी केडीए नहीं ढूंढ पा रहा है। इसकी वजह से आगे की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
आग की चपेट में आए सभी पांचों कॉम्पलेक्स का निर्माण वर्ष 1988 से लेकर 2002 के बीच हुआ है। इसमें सबसे पहले हमराज कॉम्प्लेक्स का निर्माण हुआ। इसके बाद 1990 में मसूद कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया गया। इसी तरह एआर टॉवर वर्ष 2000 में, अरजन कॉम्प्लेक्स 2001 में, नफीस टॉवर वर्ष 2002 में बनाई गई। जबकि हमराज काॅम्प्लेक्स फेज दो का निर्माण 1995 से शुरू हुआ और 2002 में जाकर पूरा हुआ। मजे की बात है कि इन कॉम्प्लेक्स के निर्माण के दौरान जितने भी मुख्य अभियंता की तैनाती रही है, वे सभी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
इस बीच जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश के बावजूद अभी तक इन कॉम्प्लेक्स की कॉपी नहीं मिलने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कहा जा रहा है कि जितने भी कॉम्प्लेक्स हैं, इनमें किसी में भी मानकों का पालन नहीं होने की वजह से नक्शा नहीं मिलने का बहाना बनाया जा रहा है। वैसे विभाग का कहना है कि इस बीच कई छुट्टियां पड़ जाने की वजह से नक्शा ढूंढने में समय लग रहा है।
आईआईटी की रिपोर्ट के लिए आज होगी बात
अग्निकांड में जल कॉम्प्लेक्स की स्थिति को लेकर परीक्षण कर रहे आईआईटी के विशेषज्ञों से शनिवार को पुलिस अधिकारियों की बात होगी। इस संबंध में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर का कहना है कि आईआईटी के विशेषज्ञ इस पूरे भवन की स्थिति की बड़ी ही बारीकी से जांच कर रहे हैं। ऐसे में रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। शनिवार को इस संबंध में टीम के विशेषज्ञों से बात की जाएगी।
अब तक 70 दुकानों से निकाला जा चुका है बचा हुआ माल
बांसमंडी में जलीं छह इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। इन इमारतों को पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया है। इमारतों के अंदर कोई न जा सके इसके लिए बाहर चेतावनी बोर्ड भी लगे हैं। अब तक 70 व्यापारी अपना बचा हुआ सामान जली हुईं इमारतों से निकाल चुके हैं। घटना में करीब 1200 दुकानें जलकर राख हो गई थीं, जिससे व्यापारियों को 15 सौ करोड़ के नुकसान का आकलन लगाया जा रहा था। शुक्रवार की शाम तक 70 दुकानों से माल सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी मिली। जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी के अनुसार अधिकांश दुकानों मेंं रखा माल पूरी तरह से जलकर राख हो चुका है। जर्जर इमारतों को सील किया गया है। एआर टॉवर, मसूद और हमराज कॉम्प्लेक्स में आग से सबसे ज्यादा नुकसान का आकलन है। इन इमारतों में एक भी दुकान सुरक्षित न बचने की उम्मीद है। इमारतों के जर्जर होने के कारण किसी व्यापारी को फिलहाल अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। इंजीनियरों की ओर से इमारतों की स्थिति की रिपेार्ट आने के बाद ही किसी को अंदर भेजा जा सकेगा। इस बीच लोगों को सतर्क करते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।