{"_id":"5f1b03b5a153c72dfa78c7b5","slug":"chitrakoot-ambulance-service-did-not-pick-up-the-phone-the-woman-gave-birth-to-twins-outside-the-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: चित्रकूट में एंबुलेंस सेवा का नहीं उठा फोन, घर के बाहर महिल ने दिया जुड़वां बच्चों को जन्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: चित्रकूट में एंबुलेंस सेवा का नहीं उठा फोन, घर के बाहर महिल ने दिया जुड़वां बच्चों को जन्म
Fri, 24 Jul 2020 10:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 24 Jul 2020 10:25 PM IST
विज्ञापन
एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट जिले के शिवरामपुर में 102 एंबुलेंस सेवा का फोन न उठने पर सड़क पर प्रसव हो गया। महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा की हालत बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने का कोई साधन न होने पर परिजनों ने निजी चिकित्सक से दवाई दिलाई।
वहीं 102 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी अश्वनी प्रजापति ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद संबंधित इलाके के एंबुलेंस संचालकों से पूछताछ की जा रही है। शिवरामपुर कस्बा निवासी नीतू (30) के पति सोनू कपाड़िया ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात नौ बजे के बाद पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई।
इसकेे बाद 102 एंबुलेंस सेवा को फोन किया। कॉल नहीं उठाई गई। कई बार कॉल की। फोन नहीं उठा। दर्द बढ़ने पर साइकिल निकालकर पत्नी को बैठाया। दर्द तेज हुआ तो पत्नी घर के सामने ही सड़क पर उतर गईं। सड़क पर जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।
विज्ञापन
प्रसूता की ननद शारदा ने बताया कि प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की तबीयत बिगड़ गई। कोई साधन न होने से कहीं भी ले जाना मुश्किल था। ऐसे में स्थानीय निजी चिकित्सकों के घर जाकर दवा ली। शुक्रवार सुबह प्रसूता के पति ने बताया कि रातभर किसी भी एंबुलेंस वाले का रिटर्न फोन नहीं आया। जच्चा और बच्चा को घर में रखा गया है।
विज्ञापन
वहीं 102 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी अश्वनी प्रजापति ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद संबंधित इलाके के एंबुलेंस संचालकों से पूछताछ की जा रही है। शिवरामपुर कस्बा निवासी नीतू (30) के पति सोनू कपाड़िया ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात नौ बजे के बाद पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई।
विज्ञापन
इसकेे बाद 102 एंबुलेंस सेवा को फोन किया। कॉल नहीं उठाई गई। कई बार कॉल की। फोन नहीं उठा। दर्द बढ़ने पर साइकिल निकालकर पत्नी को बैठाया। दर्द तेज हुआ तो पत्नी घर के सामने ही सड़क पर उतर गईं। सड़क पर जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।
विज्ञापन
प्रसूता की ननद शारदा ने बताया कि प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा की तबीयत बिगड़ गई। कोई साधन न होने से कहीं भी ले जाना मुश्किल था। ऐसे में स्थानीय निजी चिकित्सकों के घर जाकर दवा ली। शुक्रवार सुबह प्रसूता के पति ने बताया कि रातभर किसी भी एंबुलेंस वाले का रिटर्न फोन नहीं आया। जच्चा और बच्चा को घर में रखा गया है।