Kanpur Chandra Grahan: शरद पूर्णिमा पर आज साल का अंतिम चंद्रग्रहण, शाम से शुरू होगा सूतक काल, न करें यह कार्य
Kanpur News चंद्रग्रहण 28 नवंबर को रात 1:13 से प्रारंभ होगा और रात 2:27 पर मोक्ष होगा। इसके चलते सूतक काल शाम 4:13 से प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन बुजुर्ग व रोगी 8:13 बजे तक फलाहार ले सकते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
साल का आखिरी चंद्रग्रहण शनिवार 28 अक्तूबर को आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को है। इस तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्रग्रहण भारत में दिखेगा, जिससे इसका सूतक काल मान्य होगा।
भारतीय ज्योतिष परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. केए दुबे पद्मेश के अनुसार चंद्रग्रहण 28 नवंबर को रात 1:13 से प्रारंभ होगा और रात 2:27 पर मोक्ष होगा। इसके चलते सूतक काल शाम 4:13 से प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन बुजुर्ग व रोगी 8:13 बजे तक फलाहार ले सकते हैं।
मिथुन, कर्क, सिंह राशि वालों के लिए चंद्रग्रहण लाभदायक होगा तो मेष, वृष, कन्या, वृश्चिक राशि वालों के लिए परेशानी लाएगा। वहीं, तुला, धनु, मकर, कुंभ व मीन राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। चंद्रग्रहण वाले दिन शरद पूर्णिमा भी है।
अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि पर लगेगा ग्रहण
ऐसे में शाम 4:13 से पहले ही खीर बनाएं और उसमें कुश या तुलसी दल डालकर रख दें। अगले दिन स्नान व पूजन कर इसे खाएं। ज्योतिषाचार्य पं. पीएन द्विवेदी के अनुसार चंद्रग्रहण अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि पर लगेगा। अश्विनी नक्षत्र और मेष राशि वालों को यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए।
नौ घंटे पहले शुरू हो जाएगा सूतक काल
साथ ही, शांति का उपाय करना चाहिए। वहीं, ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले शुरू हो जाएगा। हिंदू धर्म में आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए।
खाने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते जरूर डालें
इसके अलावा खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने का विशेष प्रयोजन होता है। इस बार चंद्रग्रहण के चलते सूतक शुरू होने से पहले पूजा-पाठ कर लें। ग्रहण और सूतक काल के दौरान न तो खाना बनाया जाता है और न ही खाया जाता है। ग्रहण के दौरान खाने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते जरूर डालें।
चंद्रग्रहण के दौरान न करें यह कार्य
चंद्रग्रहण के समय भोजन, सिलाई बुनाई का काम, पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। इस दौरान घर में बैठकर भगवान के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।