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ऑनलाइन कार्यशाला में बोलीं कुलाधिपति- देश के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
Fri, 30 Oct 2020 01:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 30 Oct 2020 01:21 PM IST
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
ग्रामीण विकास और महिलाओं में जागरुकता, देश को विकसित करने में सहायक हैं। शहर और वैश्विक पटल पर स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। ये बातें छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में मुख्य अतिथि राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहीं।
ग्रामीण उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ विषय पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने गुजरात मॉडल को ध्यान में रखकर सखी समूह बनाने को कहा। जिसके जरिए महिलाएं अचार, पापड़, वस्त्र कलाकृतियां बनाकर रोजगार पा सकें।
इस कार्यशाला का लाइव प्रसारण फेसबुक और यूट्यूब पर हुआ। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि सुधार, ग्रामीण अंचल में छोटे और लघु उद्योगों को बढ़ाना ही महत्वपूर्ण होगा। विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि देश की प्रगति स्वदेशी उत्पादों पर काफी हद तक निर्भर है।
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उन्होंने विवि द्वारा गोद लिए गए गांवों से जुड़े उद्योगों और इससे जुड़ी ऑनलाइन व ऑफलाइन मॉनिटरिंग की कार्ययोजना का सुझाव दिया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. प्रसन्न कुमार ने कहा कि विवि की कार्यशैली का मॉडल प्रदेश के विश्वविद्यालयों के लिए मिसाल बनेगा। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मुकेश रंगा व संचालन प्रो. सुविज्ञा अवस्थी ने किया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. संदेश गुप्ता मौजूद रहे।
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ग्रामीण उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ विषय पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने गुजरात मॉडल को ध्यान में रखकर सखी समूह बनाने को कहा। जिसके जरिए महिलाएं अचार, पापड़, वस्त्र कलाकृतियां बनाकर रोजगार पा सकें।
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इस कार्यशाला का लाइव प्रसारण फेसबुक और यूट्यूब पर हुआ। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि सुधार, ग्रामीण अंचल में छोटे और लघु उद्योगों को बढ़ाना ही महत्वपूर्ण होगा। विवि की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि देश की प्रगति स्वदेशी उत्पादों पर काफी हद तक निर्भर है।
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उन्होंने विवि द्वारा गोद लिए गए गांवों से जुड़े उद्योगों और इससे जुड़ी ऑनलाइन व ऑफलाइन मॉनिटरिंग की कार्ययोजना का सुझाव दिया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. प्रसन्न कुमार ने कहा कि विवि की कार्यशैली का मॉडल प्रदेश के विश्वविद्यालयों के लिए मिसाल बनेगा। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मुकेश रंगा व संचालन प्रो. सुविज्ञा अवस्थी ने किया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी प्रो. संजय स्वर्णकार, डॉ. संदेश गुप्ता मौजूद रहे।