फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Cetral bank of india locker robbery, Bank manager did not confess the incident

लॉकर डकैती: पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ नहीं पर्याप्त साक्ष्य, मैनेजर ने नहीं कबूली वारदात

Sun, 10 Apr 2022 10:03 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 10 Apr 2022 10:03 AM IST
सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराचीखाना शाखा में लॉकर से करोड़ों के जेवर चोरी होने के मामले में बैंक मैनेजर ने वारदात करना नहीं कबूल किया है। साथ ही जांच की मांग की है। 

विज्ञापन
Cetral bank of india locker robbery, Bank manager did not confess the incident
सेंट्रल बैंक में लॉकर डकैती के आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से करोड़ों के गहने चोरी होने के मामले में पुलिस का आधा अधूरा खुलासा किसी के गले नहीं उतर रहा है। वारदात को अंजाम देने वाले छह लोगों के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य तक नहीं हैं। पुलिस भले ही बैंक मैनेजर समेत चार लोगों को जेल भेज दे, लेकिन मैनेजर ने अभी तक  वारदात नहीं कबूली है।

विज्ञापन

शनिवार को मैनेजर को जब मीडिया के सामने पेश किया गया, तो उसने आरोपों को गलत बता कर जांच की मांग की। वहीं, पुलिस ने करोड़ों की चोरी में महज 12 लाख के गहने ही बरामद दिखाए हैं। नौ ग्राहकों में ये गहने किसके हैं, इसकी पुष्टि के लिए ग्राहकों से पहचान तक नहीं कराई गई। पुलिस चारों आरोपियों को जेल भेज कर उन्हें रिमांड में लेकर माल बरामदगी का प्रयास करने की बात कर रही है।

विज्ञापन

Cetral bank of india locker robbery, Bank manager did not confess the incident
सेंट्रल बैंक में लॉकर डकैती के मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

डीसीपी ईस्ट प्रमोद कुमार ने दावा किया कि पुलिस ने मिस्त्री चंद्रप्रकाश की निशानदेही पर एक सराफ के पास से 250 ग्राम (करीब 12 लाख कीमत) सोने के गहने (11 चूड़ियां, 2 अंगूठी, 2 कान के टॉप्स, तीन हार) बरामद कर लिए हैं। यह गहने चंद्रप्रकाश ने उसे बेचे थे। हालांकि, गहने किसके हैं, इस संबंध में पुलिस कोई जवाब नहीं दे सकी। वहीं, सराफ ने गहने किस उद्देश्य (गहने चोरी के होने की जानकारी थी या नहीं) से खरीदे थे, इसकी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चार सराफों को हिरासत में लिया हुआ है।
सितंबर में भी दो बार तोड़े गए थे लॉकर
पुलिस के अनुसार बैंक अधिकारियों ने सितंबर में भी अनअपरेट लॉकरों को तोड़ने की दो बार प्रक्रिया की थी। उस वक्त भी खेल करके गहने चुराए गए थे, इसकी जांच की जा रही है। 

पुलिस बिहार में हुई वारदात से खोज रही मिस्त्री का कनेक्शन
पुलिस के अनुसार लॉकर मिस्त्री और उसके साथियों ने जिस चालाकी से लॉकर के अंदर से माल को रिम की तीली से टटोलने के बाद लॉकरों को सफाई से तोड़ दिया, इससे उनके पूर्व में भी ऐसी वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार फरवरी 2020 में पटना के मर्दनीबाग स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के लॉकरों से भी इसी तरह से लॉकर तोड़ कर 50 लाख के गहने और छह लाख रुपये की नकदी चुरा ली गई थी। पुलिस को लॉकर तोड़ने वाले मिस्त्री व उसके साथियों के बिहार में हुई घटना में भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस मिस्त्री का उस घटना से कनेक्शन खोजने में जुटी है। पुष्टि के लिए पटना पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। 

विज्ञापन

ग्राहकों को नहीं मिला इन सवालों का जवाब 
- शाखा प्रबंधक और लॉकर इंचार्ज ने कब तैयार किया था चोरी का प्लान ?
- शाखा प्रबंधक की गठित की गई कमेटी के अन्य सदस्यों की क्या भूमिका?
- सभी आरोपियों में चुराए गए गहनों का बंटवारा किस आधार पर और कैसे-कैसे हुआ?
- शाखा प्रबंधक, लॉकर इंचार्ज समेत सभी आरोपियों के बैंक खातों में कितना रुपया है?
- गहने जिन सराफों के पास ठिकाने लगाए गए उनके नाम का खुलासा क्यों नहीं हुआ?
- क्या सराफों ने तीन माह पहले खरीदे गए चोरी के गहनों को गलाया नहीं होगा?
- अभी तक खुलासे में मिस्त्री, उसके साथियों के अलावा मैनेजर और इंचार्ज के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य क्यों नहीं जुटाए जा सके?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed