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उन्नाव रेप कांडः माखी थाने पहुंची सीबीआई, दरोगा केपी सिंह के कमरे में मिला 315 बोर का तमंचा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 15 Jun 2018 09:50 PM IST
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माखी थाने में सीबीआई की टीम (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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दुष्कर्म के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में सीबीआई की टीम शुक्रवार को सर्च वारंट लेकर उन्नाव जिले के माखी थाने पहुंची। इस दौरान सीबीआई ने दरोगा केपी सिंह के कमरे का ताला तोड़कर कई घंटे तलाशी ली। तलाशी में कई अहम कागजात के अलावा एक अवैध तमंचा भी मिला है। सीबीआई इंस्पेक्टर ने माखी थाने में दरोगा के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया है। सीबीआई की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार दोपहर माखी थाने पहुंची। थाने पहुंचकर सीबीआई इंस्पेक्टर राकाकांत तिवारी ने माखी एसओ जावेद अख्तर को एक महीने पहले गिरफ्तार कर जेल भेजे गए माखी थाने के दरोगा कामता प्रसाद सिंह के कमरे (सरकारी क्वार्टर) की तलाशी का सर्च आर्डर दिखाया।
इसके बाद थाना पुलिस की मौजूदगी में दरोगा के कमरे में बंद ताला तोड़कर तलाशी शुरू की गई। कमरे में बिस्तर, तख्त, कपड़े, कई फाइलें, तमाम कागजात मिले। सीबीआई ने कई घंटे तक पड़ताल की और कुछ कागजात कब्जे में लिए। तलाशी के दौरान ही कमरे की एक अलमारी में कागजों के नीचे छिपाकर रखा गया एक 315 बोर का तमंचा भी मिला है।
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भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार दोपहर माखी थाने पहुंची। थाने पहुंचकर सीबीआई इंस्पेक्टर राकाकांत तिवारी ने माखी एसओ जावेद अख्तर को एक महीने पहले गिरफ्तार कर जेल भेजे गए माखी थाने के दरोगा कामता प्रसाद सिंह के कमरे (सरकारी क्वार्टर) की तलाशी का सर्च आर्डर दिखाया।
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इसके बाद थाना पुलिस की मौजूदगी में दरोगा के कमरे में बंद ताला तोड़कर तलाशी शुरू की गई। कमरे में बिस्तर, तख्त, कपड़े, कई फाइलें, तमाम कागजात मिले। सीबीआई ने कई घंटे तक पड़ताल की और कुछ कागजात कब्जे में लिए। तलाशी के दौरान ही कमरे की एक अलमारी में कागजों के नीचे छिपाकर रखा गया एक 315 बोर का तमंचा भी मिला है।
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इस आरोप में जेल में है एसओ और दरोगा
डेमाे पिक
सीबीआई इंस्पेक्टर ने माखी थाना एसओ को तहरीर देकर दरोगा केपी सिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उस तमंचे को सील कर अपने कब्जे में लिया है। इसके बाद सीबीआई ने किशोरी के पिता से मारपीट और न्यायिक हिरासत में मौत के मुकदमे में जेल भेजे गए थाने के पूर्व एसओ अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा केपी सिंह की ड्यूटी से संबंधित पत्रावलियां खंगाली। इनमें किशोरी के पिता की पिटाई वाले दिन एसओ और दरोगा की रवानगीं, उनके द्वारा की गई कार्रवाई, 3 अप्रैल 2018 से 11 अप्रैल 2018 के बीच उन दोनों की आवाजाही सहित अन्य बिंदुओं पर कई घंटे पड़ताल की। इस दौरान थाने के स्टाफ से भी कुछ जानकारी ली। शाम पांच बजे सीबीआई टीम वापस लौट गई।
इस आरोप में जेल में है एसओ और दरोगा
विधायक पर आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता पर न्यायालय में विधायक के खिलाफ दिया गया प्रार्थना पत्र वापस लेने का दबाव बनाने के लिए विधायक के भाई अतुल सेंगर व उनके साथियों ने 3 अप्रैल को मारपीट की थी। मारपीट के बाद विधायक के दबाव में किशोरी के घायल पिता पर पुलिस ने मारपीट और आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया था। पुलिस पर यह तमंचा अपने पास से उपलब्ध कराने का आरोप है।
न्यायिक हिरासत में किशोरी के पिता की मौत हो गई थी। किशोरी की मां ने पुलिस पर विधायक के दबाव में काम करने और उसके घायल पति (किशोरी के पिता) का बिना इलाज कराए जेल भेजने की शिकायत की थी। आरोप यह भी है कि पुलिस ने एकतफा कार्रवाई करते हुए उसकी (किशोरी की मां) तहरीर पर रिपोर्ट नहीं दर्ज की। डीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की तो उसमें से विधायक के भाई अतुल सिंह का नाम हटा दिया गया। सीबीआई ने लंबी जांच के बाद माखी थाने के निलंबित एसओ अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा कामता प्रसाद सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 15 मई को गिरफ्तार किया था।
इस आरोप में जेल में है एसओ और दरोगा
विधायक पर आरोप लगाने वाली किशोरी के पिता पर न्यायालय में विधायक के खिलाफ दिया गया प्रार्थना पत्र वापस लेने का दबाव बनाने के लिए विधायक के भाई अतुल सेंगर व उनके साथियों ने 3 अप्रैल को मारपीट की थी। मारपीट के बाद विधायक के दबाव में किशोरी के घायल पिता पर पुलिस ने मारपीट और आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया था। पुलिस पर यह तमंचा अपने पास से उपलब्ध कराने का आरोप है।
न्यायिक हिरासत में किशोरी के पिता की मौत हो गई थी। किशोरी की मां ने पुलिस पर विधायक के दबाव में काम करने और उसके घायल पति (किशोरी के पिता) का बिना इलाज कराए जेल भेजने की शिकायत की थी। आरोप यह भी है कि पुलिस ने एकतफा कार्रवाई करते हुए उसकी (किशोरी की मां) तहरीर पर रिपोर्ट नहीं दर्ज की। डीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की तो उसमें से विधायक के भाई अतुल सिंह का नाम हटा दिया गया। सीबीआई ने लंबी जांच के बाद माखी थाने के निलंबित एसओ अशोक सिंह भदौरिया और दरोगा कामता प्रसाद सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 15 मई को गिरफ्तार किया था।