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यूपी: प्राथमिक विद्यालय में बच्चाें की जगह अन्ना जानवरों का डेरा, छुट्टा जानवर मचाते हैं यहां उत्पात
Mon, 05 Aug 2019 08:41 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 05 Aug 2019 08:41 PM IST
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स्कूल में बच्चों की जगह अन्ना जानवर
- फोटो : अमर उजाला
इटावा के बसरेहर विकासखंड के ग्राम पंचायत सुल्तानपुर राहिन के मजरा केशोपुर के प्राथमिक विद्यालय में बच्चे नहीं अन्ना पशु डेर जमाए हुए हैं। चहारदीवारी न होने से छुट्टा जानवर यहां उत्पात मचाते हैं। भय के चलते अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।
विकासखंड के ग्राम पंचायत सुल्तानपुर राहिन के मजरा केशोपुर में बने प्राथमिक विद्यालय में अन्ना जानवरों के आतंक से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीण कृपाल सिंह, ध्रुव सिंह ने बताया शाम ढलते ही करीब 40 से ज्यादा अन्ना जानवर स्कूल पहुंच जाते हैं।
दोपहर करीब 12 बजे तक ये जानवर स्कूल से बाहर नहीं निकलते। जानवरों ने स्कूल में ही डेरा जमा लिया है। स्कूल के अंदर अन्ना जानवर आपस में भिड़ जाते हैं। इसी डर की वजह से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे। प्रधानाध्यापक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूल की चहारदीवारी नहीं होने से समस्या आ रही है।
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उन्होंने उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचा रखी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अप्रैल माह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण किया था लेकिन मामला कागजों में ही रह गया। स्कूल के अंदर इतना भय हो गया कि अन्ना जानवर कहीं बच्चों पर हमला न कर दें। सुबह अध्यापक स्कूल पहुंचने के बाद स्कूल के अंदर पड़ी गंदगी को करीब एक घंटे साफ करते हैं।
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विकासखंड के ग्राम पंचायत सुल्तानपुर राहिन के मजरा केशोपुर में बने प्राथमिक विद्यालय में अन्ना जानवरों के आतंक से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीण कृपाल सिंह, ध्रुव सिंह ने बताया शाम ढलते ही करीब 40 से ज्यादा अन्ना जानवर स्कूल पहुंच जाते हैं।
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दोपहर करीब 12 बजे तक ये जानवर स्कूल से बाहर नहीं निकलते। जानवरों ने स्कूल में ही डेरा जमा लिया है। स्कूल के अंदर अन्ना जानवर आपस में भिड़ जाते हैं। इसी डर की वजह से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे। प्रधानाध्यापक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूल की चहारदीवारी नहीं होने से समस्या आ रही है।
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उन्होंने उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचा रखी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अप्रैल माह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण किया था लेकिन मामला कागजों में ही रह गया। स्कूल के अंदर इतना भय हो गया कि अन्ना जानवर कहीं बच्चों पर हमला न कर दें। सुबह अध्यापक स्कूल पहुंचने के बाद स्कूल के अंदर पड़ी गंदगी को करीब एक घंटे साफ करते हैं।