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किशोरी के कपड़े उतरवाने का मामला: 24 घंटे के अंदर पिता अपने बयान से पलटे, भाई बोला- पुलिस फर्जी बात उड़ा रही है

Fri, 08 Sep 2023 10:04 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 08 Sep 2023 10:04 AM IST
सार

Kanpur Crime: थाने में बेटी को बेइज्जत करने का आरोप लगाने वाले पिता के अचानक अपनी बात पलट जाने के पीछे क्या कारण है, इसका किसी के पास जवाब नहीं है। लेकिन पुलिस अधिकारी के जाने के बाद मीडिया के सामने आए पिता ने जिस तरह से घबराते हुए अपनी बात रखी।

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Case of taking off the clothes of a teenage girl, Within 24 hours, the father retracted his statement
यूपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में साढ़ थाने के अंदर छेड़छाड़ की पीड़िता किशोरी को आरोपी के सामने ही कपड़े उतार कर बेइज्जत करने के मामले में गुरुवार को पुलिस अधिकारी के परिजनों से मिलने के बाद पीड़िता के पिता अपने बयान से पलट गए। उन्होंने 24 घंटे पहले लगाए गए आरोपों को नकार दिया और पुलिस के संतोषजनक कार्रवाई करने की बात कही।

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लेकिन, सवाल उठता है कि आखिर पिता ने महिला पुलिस कांस्टेबल पर इतने गंभीर आरोप लगाए ही क्यों थे? इसका पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है। थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले युवक की 16 साल की बेटी को गांव में रहने वाले पूर्व प्रधान के भतीजे पर घर से निकलने पर राह चलते छेड़खानी करता था।
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पिता का आरोप है कि आरोपी ने उनकी बेटी की फोटो एडिट कर उसे अश्लील बनाकर वायरल कर दिया। एक दिन फोन छीनकर उससे मारपीट भी की थी। तीन सितंबर को साढ़ थाने में पिता ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने उसके खिलाफ छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट और जान से मारने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस अधिकारियों में अफरा तफरी
पिता का आरोप था कि पुलिस ने उनकी नाबालिग बेटी को भी थाने बुलाया, जहां महिला कांस्टेबल ने जांच के नाम पर आरोपी के सामने ही बेटी के कपड़े उतरवा दिए। इससे वह तनाव में आकर बीमार पड़ गई, जिसका इलाज हैलट अस्पताल में चल रहा है।  मामला मीडिया में आते ही पुलिस अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई।

परिजनों से करीब दो घंटे तक अकेले में बातचीत                         
प्रकरण की जांच एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा व एसीपी घाटमपुर दिनेश शुक्ला को सौंपी गई। गुरुवार को एडीसीपी अंकिता, साढ़ थाना प्रभारी सतीश चंद्र राठौर व भीतरगांव चौकी इंचार्ज सुभाष चंद्र के साथ हैलट पहुंचीं और परिजनों से करीब दो घंटे तक अकेले में बातचीत की।

प्रधान के भतीजे पर आरोपों को फिर से दोहराया
परिजनों को कार्रवाई आश्वासन देकर चली गईं। कुछ देर बाद किशोरी के पिता ने मीडिया के सामने अपना बयान दिया और इस बार पिता एक दिन पहले दिए हुए अपने बयान से ही पलट गए। हालांकि, उन्होंने पूर्व प्रधान के भतीजे पर लगाए गए आरोपों को फिर से दोहराया है।

भाई बोला- पुलिस फर्जी बात उड़ा रही है
एक तरफ किशोरी के पिता ने गुरुवार को अपने दिए बयान से पलट गए, तो दूसरी तरफ किशोरी का बड़ा भाई अभी भी अपनी बात पर अडिग है। उनका कहना है कि पुलिस फर्जी बात उड़ा रही है। उन्होंने बताया कि जो सत्य है, वो है। अगर हमें पुलिस से न्याय मिल जाता, तो हम यहां नहीं आते। फोन पर हुई बातचीत के दौरान जब भाई से पूछा गया कि क्या उसके पिता पास में हैं, तो वह बोले पिता पास में नहीं हैं।

बहन के साथ अन्याय हुआ है
वो खुद पांच दिन से बीमार पड़े हैं...किशोरी के सिर में किसी गांठ की वजह से किशोरी की तबीयत बिगड़ने के पुलिस के बयान से भाई को अवगत कराया तो भाई ने कहा कभी बहन को बुखार तक नहीं आया तो पुरानी बीमारी कैसे हो सकती है...हमारे पास बार-बार लोगों के धमकी भरे फोन आ रहे हैं...उसको कोई नहीं देख रहा कि हमारी बहन के साथ अन्याय हुआ। इसके बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।

कहीं पुलिस ने साख बचाने के लिए तो नहीं बनाया दबाव
थाने में बेटी को बेइज्जत करने का आरोप लगाने वाले पिता के अचानक अपनी बात पलट जाने के पीछे क्या कारण है, इसका किसी के पास जवाब नहीं है। लेकिन पुलिस अधिकारी के जाने के बाद मीडिया के सामने आए पिता ने जिस तरह से घबराते हुए अपनी बात रखी। उससे उनके किसी तरह के दबाव में होने का दावा जरूर किया जा सकता है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच चर्चा रही कि पुलिस ने अपनी साख बचाने के लिए अस्पताल में पहुंचकर पीड़ित परिवार पर ही दबाव बनाकर उनके बयान बदलवा दिए होंगे।

परिजनों से पूछताछ हुई, जिसमें उन्होंने बताया कि एक दिन पहले पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। वहीं, हमारी तरफ से भी जांच कर ली गई है, जिसमें आरोपों की पुष्टि भी नहीं हुई है। पीड़िता के पिता के बयानों के आधार पर जिनकी भी इस प्रकरण में संलिप्तता पाई जाएगी उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।  -अंकिता शर्मा, एडीसीपी साउथ

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