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राजपुर इंस्पेक्टर पर छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट का केस
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कानपुर देहात। राजपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ बुधवार रात छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। ये कार्रवाई हैलट में भर्ती किशोरी के बयान पर हुई है।
29 अगस्त को इंस्पेक्टर ने एक फौजी की पत्नी का फोटो व मोबाइल नंबर सोशल मीडिया में वायरल करने के मामले में किशोरी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। थाने से जाने के बाद किशोरी ने जहर खा लिया था। उसका उपचार हैलट में चल रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से संयुक्त टीम की जांच में किशोरी को धमकाने की बात सामने आई है।
थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 साल की किशोरी ने फौजी की पत्नी व रिश्ते की मामी का फोटो व मोबाइल नंबर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। फौजी की पत्नी ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। इस पर राजपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने 29 अगस्त को किशोरी और उसकी मां को थाने बुलाकर पूछताछ की थी।
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इस दौरान उसे धमकाया भी था, जिससे घर जाने के बाद किशोरी ने जहर खा लिया था। हालत गंभीर होने पर उसे हैलट में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इधर किशोरी की मां ने पहले तो इंस्पेक्टर पर धमकाने का आरोप लगाया। इसके बाद छेड़छाड़ की बात कही। किशोरी को होश आने पर उसने भी एसडीएम रसूलाबाद अंजू वर्मा व सीओ लाइन तनु उपाध्याय को छेड़छाड़ करने व धमकाने का बयान दिया।
किशोरी के छेड़छाड़ के बयान के बाद एसपी केशव कुमार चौधरी ने इंस्पेक्टर विनोद कुमार के खिलाफ छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामले की विवेचना सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह को सौंपी गई है। वहीं इंस्पेक्टर को एक सितंबर को निलंबित कर दिया था। वह पुलिस लाइन में है।
शाम को फिर आने की बात कहने पर खाया था जहर
कानपुर देहात। मामले के तूल पकड़ने पर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एसडीएम सिकंदरा व तहसीलदार की टीम गठित कर जांच कराई थी वहीं एसपी ने सीओ भोगनीपुर को इंस्पेक्टर की भूमिका जांचने के लिए लगाया था। दोनों टीमों ने महिला हेल्प डेस्क की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई। इसमें इंस्पेक्टर किशोरी से दूर बैठे नजर आए लेकिन धमकाने के आरोप सही पाए गए थे।
एसपी केशव कुमार चौधरी ने नाबालिग को थाने बुलाकर पूछताछ करने व धमकाने में कड़ी नाराजगी जता इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था। किशोरी ने जो बयान दिए हैं उसमें आरोप है कि उसे पूछताछ के लिए इंस्पेक्टर लगातार कई बार थाने बुला चुके थे।
इससे वह डरी हुई थी। साथ ही इंस्पेक्टर अभद्रता करते रहे। इंस्पेक्टर ने 29 अगस्त को दोपहर में ये कहकर घर भेजा था कि शाम को फिर आना। इससे डर कर उसने जहर खा लिया था। (संवाद)
छात्रा के बयान के आधार पर इंस्पेक्टर के खिलाफ छेड़छाड़, पाक्सो एक्ट व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसे निलंबित कर लाइन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में जांच चल रही है। वहीं पीड़िता की तबियत में सुधार होने पर कोर्ट में उसके बयान कराए जाएंगे। इसके बाद जरूरत पड़ी तो इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी कराई जाएगी। - केशव कुमार चौधरी, एसपी
ग्रामीणों ने आईजी से कहा, पीड़ित परिवार का विवादों से पुराना नाता
कानपुर देहात। हैलट में भर्ती किशोरी व उसके परिवारीजनों के प्रति गांव वालों का अलग ही नजरिया है। ग्रामीणों ने गुरुवार को आईजी के दफ्तर पहुंच कर अपनी बात रखी। गांव के लोगों ने आईजी को बताया कि पीड़ित परिवार का विवादों से पुराना नाता है। पिछले कुछ सालों में उसने छह बार कभी मारपीट तो कभी छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद हर मामले में समझौता कर लिया। मामले में आईजी ने एसपी को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
राजपुर क्षेत्र के एक गांव की सुनीता देवी, रामबाबू, वीरन सिंह, गंभीर सिंह, इंद्रपाल, पप्पू, संतोष कुमार, रुप सिंह, शिवपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, चंद्रभान समेत 30 से अधिक लोग आईजी मोहित अग्रवाल से शिकायत करने गए। सुनीता देवी ने बताया कि हैलट में भर्ती किशोरी की मां हर साल एक या दो लोगों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराती है और बाद में पैसे लेकर समझौता कर लेती है।
उसने 2015 में गांव के तीन लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में समझौता कर लिया। जुलाई 2016 में घर में घुस कर मारपीट समेत कई धाराओं में दो पड़ोसियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई, इसमें भी समझौता कर लिया। जनवरी 2019 में गांव के एक व्यक्ति पर नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट की रिपोर्ट लिखाई थी।
बाद में इस मामले में समझौता कर लिया तो पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई। इसके बाद 2021 जुलाई में गांव के चार लोगों पर मारपीट व गाली गलौज की रिपोर्ट दर्ज कराई, फिर समझौता कर लिया। इसके बाद इसी दस अगस्त को गांव के चार लोगों पर पति पर तेजाब फेंकने व मारपीट रिपोर्ट लिखाई।
मामले में जांच चल रही है। ग्रामीणों का कहना कि महिला अनावश्यक लोगों से झगड़ा करके गंभीर धाराओं में रिपोर्ट लिखाती है फिर समझौता कर लेती है। इससे गांव का हर व्यक्ति डरा हुआ है। ग्रामीणों ने आईजी से निष्पक्ष जांच करा कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता की मां पर दर्ज हुई थी आईटी एक्ट की रिपोर्ट
अक्तूबर 2019 में किशोरी की मां पर आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उसने एक फौजी की पत्नी का फोटो व मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। फौजी के विरोध करने पर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही दिन बाद एप बैन कर दिया गया था, इससे पुलिस को चार्जशीट लगाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद इसी अगस्त में हैलट में भर्ती नाबालिग ने रिश्ते के मामा लगने वाले फौजी की पत्नी की फोटो व मोबाइल नंबर फेसबुक पर वायरल कर दिया। इसी मामले में पूछताछ हुई तो उसने जहर खा लिया।
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29 अगस्त को इंस्पेक्टर ने एक फौजी की पत्नी का फोटो व मोबाइल नंबर सोशल मीडिया में वायरल करने के मामले में किशोरी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। थाने से जाने के बाद किशोरी ने जहर खा लिया था। उसका उपचार हैलट में चल रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से संयुक्त टीम की जांच में किशोरी को धमकाने की बात सामने आई है।
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थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 साल की किशोरी ने फौजी की पत्नी व रिश्ते की मामी का फोटो व मोबाइल नंबर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। फौजी की पत्नी ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। इस पर राजपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने 29 अगस्त को किशोरी और उसकी मां को थाने बुलाकर पूछताछ की थी।
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इस दौरान उसे धमकाया भी था, जिससे घर जाने के बाद किशोरी ने जहर खा लिया था। हालत गंभीर होने पर उसे हैलट में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इधर किशोरी की मां ने पहले तो इंस्पेक्टर पर धमकाने का आरोप लगाया। इसके बाद छेड़छाड़ की बात कही। किशोरी को होश आने पर उसने भी एसडीएम रसूलाबाद अंजू वर्मा व सीओ लाइन तनु उपाध्याय को छेड़छाड़ करने व धमकाने का बयान दिया।
किशोरी के छेड़छाड़ के बयान के बाद एसपी केशव कुमार चौधरी ने इंस्पेक्टर विनोद कुमार के खिलाफ छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामले की विवेचना सीओ अकबरपुर अरुण कुमार सिंह को सौंपी गई है। वहीं इंस्पेक्टर को एक सितंबर को निलंबित कर दिया था। वह पुलिस लाइन में है।
शाम को फिर आने की बात कहने पर खाया था जहर
कानपुर देहात। मामले के तूल पकड़ने पर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एसडीएम सिकंदरा व तहसीलदार की टीम गठित कर जांच कराई थी वहीं एसपी ने सीओ भोगनीपुर को इंस्पेक्टर की भूमिका जांचने के लिए लगाया था। दोनों टीमों ने महिला हेल्प डेस्क की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई। इसमें इंस्पेक्टर किशोरी से दूर बैठे नजर आए लेकिन धमकाने के आरोप सही पाए गए थे।
एसपी केशव कुमार चौधरी ने नाबालिग को थाने बुलाकर पूछताछ करने व धमकाने में कड़ी नाराजगी जता इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था। किशोरी ने जो बयान दिए हैं उसमें आरोप है कि उसे पूछताछ के लिए इंस्पेक्टर लगातार कई बार थाने बुला चुके थे।
इससे वह डरी हुई थी। साथ ही इंस्पेक्टर अभद्रता करते रहे। इंस्पेक्टर ने 29 अगस्त को दोपहर में ये कहकर घर भेजा था कि शाम को फिर आना। इससे डर कर उसने जहर खा लिया था। (संवाद)
छात्रा के बयान के आधार पर इंस्पेक्टर के खिलाफ छेड़छाड़, पाक्सो एक्ट व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसे निलंबित कर लाइन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में जांच चल रही है। वहीं पीड़िता की तबियत में सुधार होने पर कोर्ट में उसके बयान कराए जाएंगे। इसके बाद जरूरत पड़ी तो इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी कराई जाएगी। - केशव कुमार चौधरी, एसपी
ग्रामीणों ने आईजी से कहा, पीड़ित परिवार का विवादों से पुराना नाता
कानपुर देहात। हैलट में भर्ती किशोरी व उसके परिवारीजनों के प्रति गांव वालों का अलग ही नजरिया है। ग्रामीणों ने गुरुवार को आईजी के दफ्तर पहुंच कर अपनी बात रखी। गांव के लोगों ने आईजी को बताया कि पीड़ित परिवार का विवादों से पुराना नाता है। पिछले कुछ सालों में उसने छह बार कभी मारपीट तो कभी छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बाद हर मामले में समझौता कर लिया। मामले में आईजी ने एसपी को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
राजपुर क्षेत्र के एक गांव की सुनीता देवी, रामबाबू, वीरन सिंह, गंभीर सिंह, इंद्रपाल, पप्पू, संतोष कुमार, रुप सिंह, शिवपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, चंद्रभान समेत 30 से अधिक लोग आईजी मोहित अग्रवाल से शिकायत करने गए। सुनीता देवी ने बताया कि हैलट में भर्ती किशोरी की मां हर साल एक या दो लोगों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराती है और बाद में पैसे लेकर समझौता कर लेती है।
उसने 2015 में गांव के तीन लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में समझौता कर लिया। जुलाई 2016 में घर में घुस कर मारपीट समेत कई धाराओं में दो पड़ोसियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई, इसमें भी समझौता कर लिया। जनवरी 2019 में गांव के एक व्यक्ति पर नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट की रिपोर्ट लिखाई थी।
बाद में इस मामले में समझौता कर लिया तो पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाई। इसके बाद 2021 जुलाई में गांव के चार लोगों पर मारपीट व गाली गलौज की रिपोर्ट दर्ज कराई, फिर समझौता कर लिया। इसके बाद इसी दस अगस्त को गांव के चार लोगों पर पति पर तेजाब फेंकने व मारपीट रिपोर्ट लिखाई।
मामले में जांच चल रही है। ग्रामीणों का कहना कि महिला अनावश्यक लोगों से झगड़ा करके गंभीर धाराओं में रिपोर्ट लिखाती है फिर समझौता कर लेती है। इससे गांव का हर व्यक्ति डरा हुआ है। ग्रामीणों ने आईजी से निष्पक्ष जांच करा कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता की मां पर दर्ज हुई थी आईटी एक्ट की रिपोर्ट
अक्तूबर 2019 में किशोरी की मां पर आईटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। उसने एक फौजी की पत्नी का फोटो व मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। फौजी के विरोध करने पर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही दिन बाद एप बैन कर दिया गया था, इससे पुलिस को चार्जशीट लगाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।
मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद इसी अगस्त में हैलट में भर्ती नाबालिग ने रिश्ते के मामा लगने वाले फौजी की पत्नी की फोटो व मोबाइल नंबर फेसबुक पर वायरल कर दिया। इसी मामले में पूछताछ हुई तो उसने जहर खा लिया।