फतेहपुर जिले के हरिहरगंज ईसीआई चर्च में 90 हिंदुओं के सामूहिक धर्मांतरण मामले में तीसरा मुकदमा मंगलवार रात कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया है। फंडिंग नैनी एग्रीकल्चर शुआट्स से होने की बात सामने आई है। पुलिस ने 47 नामजद और 20 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है।
ईसीआई चर्च में धर्मांतरण का यह चौथा मुकदमा दर्ज किया गया है। मलवां थाना क्षेत्र के तारापुर असवार निवासी सत्यपाल ने इवेजलिकिल चर्च ऑफ इंडिया (ईसीआई) में 14 अप्रैल 2022 को सामूहिक धर्मांतरण की एफआईआर कराई थी।
इसमें बताया कि उसकी मुलाकात जनवरी 2022 को मिशन हॉस्पिटल में रहने वाली भिटौरा पीएचसी में तैनात एएनएम लिली सी से हुई थी। 14 अप्रैल को चर्च में 90 हिंदुओं के साथ उसका भी धर्मांतरण कराया गया। धर्मांतरण के तार नैनी एग्रीकल्चर शुआट्स से जुड़े हैं।
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हहिरगंज स्थित चर्च
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40 दिन की प्रकिया के बाद शुआट्स के कुंड में स्नान कराया जाता है। पादरी विजय मसीह, एएनम लिली सी, वर्ड विजन इंडिया के जिला प्रोगाम मैनेजर एसडी राव, ब्राडवेल मिशन हॉस्पिटल के ट्रस्टी डा. मैथ्यू सैमुअल, विशप मिस्टर पॉल, मिशन यूपी के फतेहपुर हेड जोश प्रकाश ने प्रलोभन दिया था।
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प्रयागराज नैनी स्थित शुआट्स यूनिवर्सिटी
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प्रयागराज नैनी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी शुआट्स और यीशु दरबार से फंडिंग की जानकारी दी थी। सीओ सिटी वीर सिंह ने बताया कि 47 नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ कूटरचना, धर्मांतरण, धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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देवीगंज स्थित चर्च
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चर्च के 56 लोगों के खिलाफ पहला मुकदमा 14 अप्रैल 2022 को सामूहिक धर्मांतरण का दर्ज हुुआ था। इसके बाद दो मुकदमे 23 जनवरी की रात दर्ज किए गए। चौथा मुकदमा दर्ज हुआ है। बता दें कि सामूहिक धर्मांतरण मामले में दो नए मुकदमे सोमवार रात दर्ज किए गए थे।
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शुआट्स के इसी कुंड में होता धर्मांतरण
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सत्यपाल को उपनाम सैमसन मिला
धर्मांतरण के बाद सत्यपाल का नया नाम सत्यपाल सैमसन कर दिया गया। सत्यपाल ने बताया कि 14 अप्रैल को उसका मूल आधारकार्ड चर्च में जमा कराया था। इसके बाद कूटरचित आधार कार्ड बाद में मिला। उसके नाम के आगे ईसाई जाति सैमसन जोड़ दिया गया। नए आधार कार्ड देने के साथ ही उन्हें धमकी भी दी गई।