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Hardoi: मुर्दे के जेवर लूटने का मामला, बर्खास्त दो कर्मचारियों पर दर्ज हुई एफआईआर, तबादले के लिए भी भेजा पत्र

Fri, 28 Jun 2024 12:08 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 28 Jun 2024 12:08 PM IST
सार

Hardoi News: रिपोर्ट के मुताबिक पूरी घटना के लिए बर्खास्त किए गए कर्मचारियों रुपेश पटेल और वाहिद को ही दोषी ठहराया गया है। पंकज सचान और प्रमोद कुमार वर्मा पर लगाए गए आरोपों के संबंध में रूपेश और वाहिद कोई साक्ष्य जांच टीम को नहीं दे सके।

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Case of looting jewelry of a dead person, FIR lodged against two dismissed employees, letter sent for transfer
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरदोई जिले में पोस्टमार्टम हाउस में मुर्दे के जेवर लूटने में बर्खास्त किए गए दो आउट सोर्सिंग कर्मियों के आरोपों की जांच के लिए गठित टीम ने रिपोर्ट बृहस्पतिवार को सीएमओ को सौंप दी। जांच के दौरान दोनों बर्खास्त कर्मचारी पोस्टमार्टम हाउस हरदोई और संडीला में तैनात एक-एक फार्मासिस्ट के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं दे पाए।

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बावजूद इसके पोस्टमार्टम हाउस के दो फार्मासिस्ट के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए तबादले की संस्तुति भी की गई है। डिप्टी सीएमओ डॉ. पंकज मिश्रा की तहरीर पर इस मामले में बर्खास्त रुपेश पटेल और वाहिद के खिलाफ एफआईआर शहर कोतवाली में दर्ज की गई है।
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पुलिस लाइन में तैनात एक महिला पुलिस कर्मी ने सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि उसकी बहन की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराया गया था। इस दौरान बहन के शव से सोने की कान और नाक की बाली गायब कर दी गई थी। सीएमओ ने इस मामले में जांच कराई और रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमार्टम हाउस में तैनात आउट सोर्सिंग कर्मी रुपेश पटेल और वाहिद को बर्खास्त कर दिया।

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काफी समय से चल रहा था जेवर की लूट का खेल
इसके बाद रुपेश ने पूरी घटना को लेकर आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किए। इसमें कहा था कि पोस्टमार्टम हाउस में शवों से जेवर की लूट का खेल काफी समय से चल रहा था। उसने आरोप लगाया था कि इस खेल में फार्मासिस्ट प्रमोद वर्मा और पूर्व में तैनात रहे पंकज सचान शामिल थे।

टीम ने अधिकारियों को सौंपी जांच रिपोर्ट
हालांकि, पंकज सचान को एक दूसरे मामले में मई में ही पोस्टमार्टम हाउस से हटाकर संडीला भेजा जा चुका है। रुपेश के आरोप की जांच के लिए सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार ने चार वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बुधवार को गठित की थी। टीम ने बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट सौंप दी।

सीएमओ ने दोनों को पोस्टमार्टम हाउस से हटा दिया
रिपोर्ट के मुताबिक पूरी घटना के लिए बर्खास्त किए गए कर्मचारियों रुपेश पटेल और वाहिद को ही दोषी ठहराया गया है। पंकज सचान और प्रमोद कुमार वर्मा पर लगाए गए आरोपों के संबंध में रूपेश और वाहिद कोई साक्ष्य जांच टीम को नहीं दे सके। इसके बाद भी सीएमओ ने सख्ती दिखाते हुए प्रमोद कुमार वर्मा को भी हरदोई पोस्टमार्टम हाउस से हटा दिया।

तबादला करने के लिए शासन को भेजा है पत्र
प्रमोद और पंकज सचान का तबादला जनपद से करने के लिए शासन को भी पत्र भेज दिया गया है। रुपेश और वाहिद के खिलाफ शवों से जेवर लूटने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी सीएमओ ने दिए हैं।

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