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वेंटिलेटर पर बच्ची की मौत के मामला: डॉ. नेहा अग्रवाल को क्यों दी गई क्लीन चिट, कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं

Sun, 01 Aug 2021 02:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 01 Aug 2021 02:34 PM IST
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Case of girl's death on ventilator: Why was Dr. Neha Agarwal given clean chit, no one is ready to open her mouth
हैलट अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
कानपुर में वेंटिलेटर पर बच्ची की मौत के मामले में बालरोग अस्पताल की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा अग्रवाल को जांच कमेटी के क्लीन चिट दिए जाने का मामला चर्चा में है। हालांकि इस प्रकरण पर जीएसवीएम मेडिकल कालेज प्रबंधन के अधिकारी चुप्पी साधे हैं। सूत्रों का कहना है कि प्राचार्य डॉ. संजय काला के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने डॉ. नेहा अग्रवाल को क्लीन चिट दी है।
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इस रिपोर्ट को डॉ. काला ने अपने पत्र के साथ शासन को भेजकर निलंबन वापसी का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि डॉ. काला ने मामले की छानबीन के लिए दो दिन पहले कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। कमेटी में बालरोग की डॉ. रूपा डालमिया सिंह, एनेस्थीसिया के डॉ. चंद्रशेखर और मेडिसिन के डॉ. सौरभ अग्रवाल थे।
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कमेटी ने डॉ. नेहा को क्लीन चिट दे दी। यह बताया गया कि बच्ची को विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव की देखरेख में भर्ती किया गया था। शासन से की गई सिफारिश में यह भी बताया गया कि डॉ. नेहा को मेडिकल साइंस में शोध के लिए 29 गोल्ड मेडल मिले हैं। माना जा रहा है कि जल्द डॉ. नेहा का निलंबन वापस हो सकता है।
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कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने कमेटी के संबंध में कुछ भी जानकारी से मना कर दिया। वहीं डॉ. काला का कहना है कि इस वक्त डाक्टरों की जरूरत है। शासन से निलंबन वापसी का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि डॉ. नेहा भी अपना पक्ष रखने के लिए लखनऊ गई थीं।

पुरानी शिकायत से मामला हुआ और गंभीर
पूर्व प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने हटाए जाने के पहले शासन में जाकर जीएसवीएम मेडिकल कालेज और हैलट के अधिकारियों की शिकायत की थी। इसमें सहयोग न करने के अलावा अन्य आरोप लगाए थे। इसमें डॉ. कमल ने डॉ. यशवंत राव की भी शिकायत की थी। उन पर अस्पताल में काम न करने का आरोप लगाया था।

डॉ. कमल की शिकायत पर भी पूछताछ अभी चल रही है। यह प्रकरण आ जाने पर शासन और सख्त हो गया। पुराने मामले की पूछताछ के अलावा वेंटिलेटर प्रकरण पर डॉ. राव से सात दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।
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