फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Case of buying gangster's bullet, Now questions raised on taking second hand car, message went viral

गैंगस्टर की बुलेट खरीदने का मामला: अब सेकेंड हैंड कार लेने पर उठे सवाल, मैसेज हुआ वायरल, जांच में जुटी पुलिस

Fri, 29 Jul 2022 07:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 29 Jul 2022 07:42 AM IST
सार

गैंगस्टर की बुलेट खरीदने में पीआरओ अजय कुमार मिश्रा को लाइन हाजिर किया गया था। वहीं, अब उनके सेकेंड हैंड कार लेने पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंधित एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसकी जांच में पुलिस जुट गई है। 

विज्ञापन
Case of buying gangster's bullet, Now questions raised on taking second hand car, message went viral
गैंगस्टर की बुलेट और पीआरओ दरोगा अजय मिश्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर पुलिस कमिश्नर के पूर्व पीआरओ अजय मिश्रा के गैंगस्टर से बाइक लेने के मामले में लाइन हाजिर होने के बाद गुरुवार को उसकी कार पर भी सवाल उठने लगे। गुरुवार को वायरल मैसेज में लिखा है कि लाइन हाजिर पूर्व पीआरओ अजय कुमार मिश्रा ने भ्रष्टाचार के दम पर अकूत संपत्ति बनाई। 

विज्ञापन

उनके नाम पर एक होंडा डब्ल्यूआरवी कार भी है, जो मो. गुफरान से खरीदी थी। आरोप है कि आर्य नगर में चौकी इंचार्ज रहते हुए गुफरान के केस की जांच के नाम पर यह कार उपहार के रूप में ली गई थी। सफेद रंग की एक वैगनआर कार भी है। आरटीओ में रजिस्टर्ड जानकारी का स्क्रीन शॉट भी वायरल है, जिसमें गाड़ी के नम्बर के साथ अजय मिश्रा का नाम और सेकेंड ओनर लिखा है।

विज्ञापन

वायरल मैसेज की जानकारी नहीं है। दरोगा की जांच ज्वाइंट सीपी कर रहे हैं। ऐसा कोई तथ्य सामने आने पर उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।  -विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर

बता दें कि कानपुर में गैंगस्टर बलराम राजपूत की पत्नी के नाम की बुलेट खरीदने में फंसे पुलिस कमिश्नर के पीआरओ दरोगा अजय कुमार मिश्रा बुधवार सुबह लाइन हाजिर कर दिए गए। अजय मिश्रा अंडर ट्रांसफर थे इसलिए सीपी ने तत्काल गोरखपुर के लिए रिलीव कर दिया। 

विज्ञापन

हालांकि इसके पीछे भी खेल है। इतने गंभीर प्रकरण में पीआरओ को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। निलंबन की कार्रवाई से बचाते हुए रिलीव इसलिए किया जिससे बड़ी कार्रवाई से बचाया जा सके। मामले की जांच ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी को सौंपी गई है।

इसके अलावा यह बात भी सामने आई है कि पुलिस कमिश्नर का पूर्व पीआरओ अजय कुमार मिश्रा शहर के कई शातिर अपराधियों और विवादित बिल्डरों के संपर्क में है। जिन क्षेत्रों में उसकी तैनाती ही नहीं रही, वहां पर भी इसका जाल बिछा हुआ है। यह सभी उसके सीधे फोन पर संपर्क में हैं। अगर उसके मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाली जाए, तो कई बड़े राज खुल सकते हैं। आशंका है कि उसने कई बड़े खेल भी किए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed