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ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शनों की कालाबाजारी का मामला: लखनऊ से विजय गिरफ्तार, मुंबई-गुजरात कनेक्शन

Tue, 01 Jun 2021 10:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 01 Jun 2021 10:54 PM IST
सार

ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन बेचने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इंजेक्शन यूपी में नहीं बन रहे है। इन्हें गुजरात, मुंबई, दिल्ली से लाया जा रहा है।

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Case of black marketing of fake injections of black fungus
ब्लैक फंगस के नकली इंजेक्शन बेंचने वाला विजय कुमार मौर्य - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन के नाम पर नकली इंजेक्शन बेचने के मामले में पुलिस ने लखनऊ के मेडिकल स्टोर संचालक विजय कुमार मौर्या को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि इंजेक्शन यूपी नहीं गुजरात व मुंबई में तैयार किए जा रहे हैं।
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पुलिस ने इन दोनों राज्यों की पुलिस से संपर्क कर जानकारी साझा की है। विजय के पास मिले मोबाइल से पुलिस को अहम व्हाट्सएप चैट भी मिली है। इससे पूरी डीलिंग और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। ग्वालटोली पुलिस ने भाजपा नेता प्रकाश मिश्रा व उसके साथी ज्ञानेश शर्मा को 68 नकली इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था।
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Case of black marketing of fake injections of black fungus
आरोपी ज्ञानेश और प्रकाश मिश्रा - फोटो : amar ujala
उनसे पूछताछ के आधार पर प्रयागराज से दो मेडिकल स्टोर संचालक मधुरम वाजपेयी और पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया। इनसे पता चला कि इन्होंने लखनऊ में कुर्सी रोड स्थित मोहित मेडिकल स्टोर संचालक विजय से इंजेक्शन खरीदे थे। एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय के नेतृत्व में जांच टीम ने विजय को भी गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ जारी है। पता चला है कि विजय खुद नकली इंजेक्शन नहीं बनाता था, बल्कि बाहर से खरीदता था। कभी गुजरात बता रहा तो कभी मुंबई और दिल्ली। पुलिस उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगाल रही है। 

किसी न किसी दवा कंपनी का है काम
पुलिस की जांच में स्पष्ट हो गया है कि नकली इंजेक्शन बेचने के मामले में किसी न किसी बड़ी दवा कंपनी का हाथ है। इस तरह से किसी फैक्टरी में इंजेक्शन बनाना संभव नहीं है। एसीपी ने बताया कि मुंबई व गुजरात पुलिस को इस बारे में जानकारी दी गई। कुछ संदिग्ध नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। 

कई चैट डिलीट कर चुका है शातिर
पुलिस की पूछताछ में विजय सहयोग नहीं कर रहा है। अधिकतर चैट डिलीट कर चुका है। कुछ चैट व कॉल रिकॉर्डिंग मिली है। एसीपी ने बताया कि जो चैट मिली है, वो बेहद अहम हैं। डिलीट चैट रिकवर कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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