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25 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी दे केस्को
ब्यूरो अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:58 AM IST
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प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जतातीं मृतक अजय अग्रवाल के भाई संजय अग्रवाल की पत्नी बीना व भतीजी सलोनी।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। केस्को की लापरवाही से परेड यतीमखाना रोड पर कारोबारी अजय अग्रवाल की मौत के बाद केस्को ने मात्र दो लाख रुपये की मदद का एलान किया जिससे परिजन आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि जान की कोई कीमत नहीं होती, फिर भी अफसरों को राहत राशि देनी ही थी तो सम्मानजनक राशि देते। उन्होंने 25 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को केस्को में नौकरी की मांग की है। ‘अमर उजाला’ ने रविवार को लक्ष्मीपुरवा में अजय के घर जाकर परिवार का दर्द साझा किया तो केस्को, पुलिस और प्रशासन के खिलाफ परिजनों का गुबार फूट पड़ा।
‘ऐसे अफसर समाज के दुश्मन हैं’
अजय अग्रवाल आठ भाइयों में चौथे नंबर के भाई थे। संयुक्त परिवार में रह रहे परिजनों का कहना था कि परेड पर भाई का शव रखकर शनिवार को वहां केस्को एमडी और प्रशासन के आला अफसरों को बुलाने की मांग कर रहे थे। मौके पर तो दूर अब तक कोई अफसर या जनप्रतिनिधि घर आकर संवेदना के दो शब्द भी नहीं बोला। ये लोग समाज के दुश्मन हैं। किसी की जान चली गई और वे नियम के मुताबिक मुआवजे का चेक काटकर ले आए। एक सिपाही लाठियां चलाने की बात कर रहा था तो दूसरा बोल रहा था कि धरना देकर क्यों छीछालेदर करा रहे हो।
आज एसीएम से मिलेेंगे परिजन
परेड में प्रदर्शन के दौरान एसीएम ने उन्हें समझाने की कोशिश की। अब एसीएम ने सोमवार को उन्हें कलेक्ट्रेट बुलाकर जिला प्रशासन के अफसरों से बात करने और मुआवजे को लेकर बातचीत करने का आश्वासन दिया है।
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‘ऐसे अफसर समाज के दुश्मन हैं’
अजय अग्रवाल आठ भाइयों में चौथे नंबर के भाई थे। संयुक्त परिवार में रह रहे परिजनों का कहना था कि परेड पर भाई का शव रखकर शनिवार को वहां केस्को एमडी और प्रशासन के आला अफसरों को बुलाने की मांग कर रहे थे। मौके पर तो दूर अब तक कोई अफसर या जनप्रतिनिधि घर आकर संवेदना के दो शब्द भी नहीं बोला। ये लोग समाज के दुश्मन हैं। किसी की जान चली गई और वे नियम के मुताबिक मुआवजे का चेक काटकर ले आए। एक सिपाही लाठियां चलाने की बात कर रहा था तो दूसरा बोल रहा था कि धरना देकर क्यों छीछालेदर करा रहे हो।
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आज एसीएम से मिलेेंगे परिजन
परेड में प्रदर्शन के दौरान एसीएम ने उन्हें समझाने की कोशिश की। अब एसीएम ने सोमवार को उन्हें कलेक्ट्रेट बुलाकर जिला प्रशासन के अफसरों से बात करने और मुआवजे को लेकर बातचीत करने का आश्वासन दिया है।
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