Kanpur News: ममता सरकार में मंत्री ने किया पार्थ का बचाव, ईडी पर खड़े किए सवाल
पश्चिम बंगाल में मंत्री और जमीयत उलमा के प्रदेश अध्यक्ष सिद्दीक उल्ला चौधरी रविवार को कानपुर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए पश्चिम बंगाल के मंत्री और उनके करीबियों के यहां ईडी की छापेमारी को तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ साजिश का हिस्सा करार दिया।
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कानपुर में पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्दीक उल्ला चौधरी ने ईडी के हाथों गिरफ्तार टीएमसी नेता व उनकी सरकार में पूर्व शिक्षा मंत्री रहे पार्थ चटर्जी का बचाव किया। उन्होंने गिरफ्तारी पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) पर ही सवाल खड़े कर दिए। वह रविवार को जमीयत उलमा के प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह के जाजमऊ अशरफाबाद स्थित मदरसे में पत्रकारों से बात कर रहे थे। वह मदरसा जामिया महमूदिया अशरफुल उलूम के शिक्षकों व छात्रों से मुलाकात करने आए थे। मंत्री सिद्दीक उल्ला जमीयत उलमा-ए-हिंद पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।
फंसाने के लिए रुपये रखवाए गए, टीएमसी करेगी विरोध
उन्होंने कहा कि पार्थ चटर्जी को फंसाने के लिए ईडी के अफसरों ने षडयंत्र रचा है। बरामद रुपयों को गिने बिना ही ईडी के अफसरों ने पहले ही बता दिया था कि 20 करोड़ रुपये हैं। ऐसे में रुपये पहले ही वहां रखवाने की आशंका है। पार्टी इसका विरोध करेगी।
कॉमन सिविल कोड किसी के लिए अच्छा नहीं
मंत्री ने कहा कि समान अचार संहिता किसी भी समुदाय के लिए ठीक नहीं है। अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक दोनों इससे प्रभावित होंगे। इस देश में सिर्फ मुस्लिमों का ही धार्मिक कानून अलग नहीं बल्कि तमाम अन्य धर्मों की जातियों की प्रथाएं अलग अलग हैं। कॉमन सिविल कोड से वह भी प्रभावित होंगी। इसलिए इसे लागू करना बेहतर नहीं है। इस दौरान डॉ. हलीमुल्लाह खां, मौलाना नूरूद्दीन अहमद कासमी, मौलाना मोहम्मद अकरम जामई, मौलाना मो. शफी मजाहिरी, मौलाना अनीसुर्रहमान, कारी अब्दुल मुईद चौधरी, मुफ्ती इजहार मुकर्रम कासमी आदि मौजूद रहे।