आंकड़ों की मुहर: कारोबारियों का रुझान अब उत्पादन से ज्यादा ट्रेडिंग में, अब उद्योग लगाना नहीं रहा है आसान
Kanpur News: ट्रेडिंग क्षेत्र को 2020-21 में उद्यम पंजीकरण में शामिल किया गया था। बैंकों में किसी भी वित्तीय सहायता पाने के लिए उद्यम पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। इससे बैंक कोई भी वित्तीय सहायता बिना पंजीकरण नहीं देते हैं। इसके अलावा उद्योगों में कार्यशील पूंजी की कमी हो रही है।
विस्तार
पांच साल में पहली बार कानपुर में उत्पादन इकाइयों का पंजीकरण घटा है। वहीं, खरीद-बिक्री (ट्रेडिंग) इकाइयों ने पंजीकरण में लंबी छलांग लगाई है। इसके बाद सेवा क्षेत्र में पंजीकरण हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक शहर में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 40,033 उद्यमों का पंजीकरण हुआ। उत्पादन क्षेत्र में बीते साल 12,645 उद्यम पंजीकृत हुए थे। इस साल उत्पादन इकाइयों में 10,488 पंजीकरण हुए, जो पिछले साल की तुलना में 2157 कम हैं। सेवा क्षेत्र में 10,579 और ट्रेडिंग में 18,966 पंजीकरण हुए हैं।
कानपुर उत्पादन की सूक्ष्म, लघु और मझोली इकाइयों के लिए जाना जाता है। हालांकि, अब इसका रुतबा कम होता जा रहा है। शहर में अब उत्पादन की कुल इकाइयों की पंजीकरण संख्या 42,609 हो गई है। सेवा क्षेत्र की इकाइयों की संख्या 41,699 और ट्रेडिंग की संख्या सबसे ज्यादा 53,864 हो गई है। उत्पादन के साथ ही सेवा क्षेत्र की इकाइयों की संख्या भी घटी है। पिछले साल तक सेवा क्षेत्र की इकाइयों की पंजीकरण संख्या 11,973 थी। इस साल इस क्षेत्र में 1394 पंजीकरण कम हुए। वहीं ट्रेडिंग की बात करें तो पिछले साल इस क्षेत्र में 16,609 पंजीकरण हुए थे।
इन इकाइयों का हुआ है पंजीकरण
इस साल 2357 पंजीकरण अधिक होने से यह संख्या 18,966 हो गई। शहर में कुल उद्यम पंजीकरण की संख्या 1,38,171 है। इकाइयों की बात करें तो उत्पादन क्षेत्र में गहने, होजरी, रेडीमेड, सैडलरी-हारनेस, सिविल इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, बेकरी प्रोसेसिंग, फ्लोर मिल का उद्यम पंजीकरण हुआ। ट्रेडिंग में हार्डवेयर, फैब्रिकेशन, चावल, आलू और मक्का से स्टार्च निकालना, सिल्क, टोपी, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट की इकाइयों का पंजीकरण हुआ। सेवा क्षेत्र में कैटरिंग, मिल्क पाउडर, आइस्क्रीम पाउडर, टैक्स कंसलटेंट, ट्रैवेल, फर्नीचर से जुड़ी इकाइयों का पंजीकरण हुआ है।
शहर में उद्यम पंजीकरण की स्थिति वित्तीय वर्षवार
एक जुलाई 2020 से 31 मार्च 2021 तक- 10976
एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक - 18756
एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक - 27180
एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक - 41226
एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक - 40033
कुल: 1,38,171
इसलिए बढ़ रहा ट्रेडिंग का पंजीकरण
दरअसल ट्रेडिंग क्षेत्र को 2020-21 में उद्यम पंजीकरण में शामिल किया गया था। बैंकों में किसी भी वित्तीय सहायता पाने के लिए उद्यम पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया। इससे बैंक कोई भी वित्तीय सहायता बिना पंजीकरण नहीं देते हैं। इसके अलावा उद्योगों में कार्यशील पूंजी की कमी हो रही है। होजरी उद्यमी तो उत्पादन छोड़कर ट्रेडिंग करने लगे हैं, जबकि होजरी एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल है।
यह बिल्कुल सही है कि शहर में उद्यम पंजीकरण घट रहा है। शहर का औद्योगिक रुतबा तेजी से बढ़ने के बाद घट रहा है। नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ आगे बढ़ते जा रहे हैं। कानपुर में कोई भी नया बाहरी निवेश नहीं आ रहा है। उद्योगों में उत्पादन पिछले दो-तीन सालों में धीमा हो गया है। -सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
महंगाई के चलते उद्योग लगाना आसान नहीं रहा है। उद्योग के लिए पहले पूंजी लगाओ, फिर उत्पाद बेचने में पूंजी खर्च करो। मुनाफा भी केवल दो-तीन प्रतिशत ही रहता है। ट्रेडिंग में भी इतना मुनाफा मिलता है। ऐसे में उद्यमी उत्पादन छोड़कर उत्पादों की ट्रेडिंग करने लगे हैं। -मनोज बंका, अध्यक्ष, पीआईए
शहर में उत्पादन, सेवा और ट्रेडिंग तीनों क्षेत्र में 40,033 उद्यमों का पंजीकरण हुआ है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान आने वाले समय में गेम चेंजर होगा। दो महीने में ही 1428 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से 1062 आवेदकों के खातों में 4.24 करोड़ की सहायता राशि भेजी जा चुकी है। सरकार उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहित कर रही है। उद्यमी भी विस्तार भी कर रहे हैं। -अंजनीश प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र