व्यापारी हत्याकांड: जूडो-कराटे चैंपियन को उम्रकैद की सजा, 17 साल पहले हुई थी वारदात, 40 हजार जुर्माना भी ठोका
Kanpur News: 17 साल पहले चकेरी के निर्माणाधीन होटल के पीछे खेत में व्यापारी का शव मिला था। मृतक बहन की सगाई के लिए दोस्त से उधारी के दो लाख रुपये वसूलने निकला था। मामले में कोर्ट ने जूडो-कराटे चैंपियन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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कानपुर में लेनदेन के विवाद में दोस्त की हत्या करने वाले जूडो-कराटे के चैंपियन को अपर जिला जज अष्टम राम अवतार प्रसाद ने उम्रकैद और 40 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। रेडीमेड होजरी के थोक व्यापारी नदीम जावेद का शव 27 दिसंबर 2006 को चकेरी के एक निर्माणाधीन होटल के पीछे खेत में मिला था।
उसका कोपरगंज के मसूद कॉम्प्लेक्स में थोक का काम था। बकरमंडी निवासी नदीम के भाई अनवर अली ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि चकेरी के न्यू आजाद नगर निवासी जूडो-कराटे के चैंपियन समीर चरन उर्फ बाबू और नदीम दोस्त थे। समीर नदीम से माल लेकर गोपालगंज बिहार ले जाकर बेचता था।
समीर के ऊपर लगभग दो लाख रुपया बकाया हो गया था। जनवरी 2007 में नदीम की बहन की सगाई होनी थी, इसलिए समीर से तगादा कर रहा था। 26 दिसंबर 2006 को घर से समीर के पास जाने की बात कहकर निकला था। रात तक नहीं लौटा और उसका फोन भी बंद आ रहा था। बाद में नदीम का शव मिला था।
समीर पर हत्या और सबूत मिटाने का आरोप था
एडीजीसी अरविंद डिमरी ने बताया कि विवेचना के बाद पुलिस ने समीर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। उस पर हत्या और सबूत मिटाने का आरोप था। अभियोजन की ओर से मृतक के दो भाइयों समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने समीर को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।