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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Bundelkhand Expressway, Expressway should not become a road of accidents, three deaths in different accidents in four days

Bundelkhand Expressway: नियमों की अनदेखी कर वाहन चलाना होगा खतरनाक, हादसे कहीं न कहीं लोगों के लिए सबक

Wed, 20 Jul 2022 10:56 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 20 Jul 2022 10:56 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जुलाई को जालौन के कैथेरी गांव से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था, लेकिन यहां अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल था।

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Bundelkhand Expressway, Expressway should not become a road of accidents, three deaths in different accidents in four days
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर पहले ही दिन से साइकिल ई-रिक्शा, ट्रैक्टर व दो पहिया बेलगाम फर्राटा भरने लगे हैं। जबकि नियमानुसार इसमें बडे़ वाहनों की अपनी लेन और गति तय होती है। औद्यौगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के तय मानक के अनुसार इसमें कार जीप आदि छोटे वाहन के लिए 100 किमी प्रति घंटा के अलावा बस, ट्रक व डंपर जैसे बड़े वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटे की रफतार की गति तय है। ऐसे में पहले ही दिनसे साइकिल, ई-रिक्शा, दोपहिया वाहनों के दौड़ने से बडे़ हादसे होने की संभावना थी। एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के बाद हुआ भी कुछ वैसा ही है।

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यहां चार दिनों में अलग-अलग हादसों में तीन की मौत हो गई। इस संबध में अपर जिलाधिकारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि अभी इसकी पूरी गाइड लाइन नहीं आई है। नया एक्सप्रेस वे होने से उत्सुकतावश लोग वहां देखने जा रहे हैं। बता दें कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर लोग फर्राटा भरते हुए नजर आ रहे हैं, लेकिन नियमों की अनदेखी की वजह से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर अब तक तीन मौतें हो चुकी है। वहीं, कहीं न कहीं ये हादसे लोगों के लिए सबक हैं। 

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1. पुलिस की बाइक से टकराया युवक, मौत

उरई जिले में कोबरा पुलिस की बाइक से टक्कर लगने से शुक्रवार की शाम साढ़े सात बजे एक युवक घायल हो गया। युवक को इलाज के लिए कानपुर ले जाते समय उसकी मौत हो गई। घटना बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की बताई जा रही है। बता दें कि  उरई कोतवाली क्षेत्र के बरहा गांव निवासी 18 वर्षीय मोहित कुमार शाम को एक्सप्रेसवे पर टहलने गया था। अभी वाहन नहीं चल रहे हैं, वह वहां घूमने के बाद लेट गया। तभी जालौन की ओर से पुलिस की कोबरा बाइक आई और उसको रौंद दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक चढ़ने से उसके कमर का निचला हिस्सा बुरी तरह से जख्मी हो गया। इस घटना में पुलिस का एक सिपाही भी जख्मी हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस का एक वाहन आया और जख्मी सिपाही को इलाज के लिए लेकर चला गया पर घायल युवक को छोड़ गया। हादसे की सूचना पर ग्रामीण पहुंचे और घायल युवक को जिला अस्पताल ले गए। वहां से उसे कानपुर रेफर कर दिया गया पर रास्ते में मौत हो गई।

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2. घायल सिपाही की इलाज के दौरान मौत
15 जुलाई को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर  वीआईपी ड्यूटी पर बाइक से जा रहे पुलिकर्मी की बाइक एक युवक से टकरा गई थी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि बाइक सवार सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर हालत में जिला अस्पताल से उसे आगरा रेफर किया गया था। वहां इलाज के दौरान शनिवार की रात सिपाही की मौत हो गई।  जिले के गोहन थाना में तैनात सिपाही करन सिंह (21) निवासी मथुरा 15 जुलाई को बाइक से ड्यूटी करने कैथेरी गांव जा रहा था। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर उसकी बाइक मोहित कुमार निवासी बरहा से टकरा गई थी। परिजनों ने बताया कि वह मथुरा का निवासी था। वर्ष 2021 में पुलिस में भर्ती हुआ था। पहली पोस्टिंग छह माह पहले गोहन थाने में आरक्षी के पद पर हुई थी। पिता छितेरीमल सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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3. खड़े ट्रक में पीछे से भिड़ा कंटेनर, चालक की मौत
जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर बिजली के खंभों से लदे खड़े ट्रक में पीछे से कंटेनर ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में कंटेनर चालक की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डकोर कोतवाली क्षेत्र के बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए आए बिजली के खंभों से लदा ट्रक डकोर के पास एक्सप्रेस-वे पर ही खड़ा था। तभी चित्रकूट की ओर जा रहा कंटेनर पीछे से खड़े ट्रक में भिड़ गया, जिससे कंटेनर का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। हरियाणा के जिला जींद के खूंगा कोठी निवासी चालक रोहताश (40) की केबिन में फंसने से मौत हो गई।  

एक्सप्रेसवे पर चले, पर अभी धीमी रफ्तार से
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालौन के कैथेरी गांव से कर दिया है। इसके साथ ही इस पर वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया है। भरतकूप के गोड़ा गांव से शुरू हो रहे एक्सप्रेस-वे में अभी लोगों को फर्राटे से वाहन दौड़ाने में सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि जगह-जगह अभी भी छिटपुट निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा टोल प्लाजा का करीब 50 फीसदी काम बाकी है। भरतकूप के गोड़ा गांव से शुरू हो रहे एक्सप्रेस-वे पर अभी फर्राटे से वाहन दौड़ाने से बचना होगा। घुमावदार रोड के बीच कई जगह रेलिंग अधूरी है।
नदी-नालों अंडरपास पर बने पुल पर बाउंड्री वॉल का काम चल रहा है। टोल प्लाजा के करीब आधा किमी के हिस्से में वाहनों की रफ्तार थामनी होगी, क्योंकि टोल प्लाजा पर बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में दोनों ओर महज 60-60 फीट की सड़क वाहनों के आवागमन के लिए छोड़ी गई है। शुरुआती यात्रा में एक्सप्रेस-वे पर चढ़ते समय स्ट्रीट लाइट जगमगाएगी। आगे टोल प्लाजा तक स्ट्रीट लाइटें नहीं है। टोल प्लाजा के दोनों ओर पांच-पांच हाईमास्ट लाइटें लगाई गई हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर एक नजर

  • चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया और इटावा सात जिलों को जोड़ता है बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे। 
  • 14,800 करोड़ की लागत से बना है 296 किलोमीटर लंबा और फोरलेन एक्सप्रेस वे। इसे छह लेन तक बढ़ाया जा सकता है। 
  • चार रेलवे ओवरब्रिज, 14 बड़े, 0 286 छोटे पुल।  224 अण्डरपास, 19 फ्लाईओवर, छह टोल प्लाजा,  सात रैंप प्लाजा। 13 स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।
  • ग्रीन एक्सप्रेस-वे, वाटर हार्वेस्टिंग पिट का निर्माण, सात लाख पौधरोपण।
  •  04 जनसुविधा परिसर एवं 04 स्थानों पर फ्यूल पंप स्थापना का प्रावधान। यहां पर वाहन की मरम्मत के लिए मैकेनिक की सुविधा रहेगी। सुरक्षा के लिए पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था, मवेशियों को पकड़ने के लिए वाहन, एंबुलेंस की व्यवस्था।
  •  ट्रैफिक सुरक्षा के लिएएडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।

हादसों का संज्ञान, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बना खास
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर हादसे रोकने के लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इनमें मैटल बीम, रडार सॉफ्टवेयर और स्पीड डिटेक्टिव कैमरे आदि खास हैं। दूसरे एक्सप्रेस-वे पर हो रहे हादसों को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा की अधिकतर खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ और डिवाइडर पर मैटल बीम लगाई गई है। इसका उद्देश्य है कि यदि कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो वह डिवाइडर तोड़कर दूसरी विपरीत लेन में न जा सके। ताकि दूसरे वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच सकें। 

पहली बार मीडियन और शोलडर दोनों तरफ एक्सप्रेसवे के पूरे हिस्से में रिब्ड मार्किंग की गई है। यह रिब्ड मार्किंग ड्राइवर यदि लेन पर वाहन चलाने में लापरवाही बरतता है, तो उसे ये सावधान करेंगी। एक्सप्रेस-वे पर दृश्यता बढ़ाने के लिए स्ट्रीट लाइट के लिए सोडियम वेपर लैंप का उपयोग किया जाएगा। ये वैपर लैंप कोहरा अथवा धुंध में विशेष प्रभावी रहते हैं। एक्सप्रेस-वे की दृश्यता बढ़ाने के लिए रोड मार्किंग के साथ सोलर ब्लिंकर भी लगाए जाएंगे। रात में विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों की लाइट का प्रभाव कम करने के लिए डिवाइडर पर पौधरोपण किया गया है। जंगली और आवारा जानवरों को सड़क पर आने से रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे कंटीले तारों की बाड़ भी लगाई गई है।  

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