बांदाः युवती का गला कसकर कुल्हाड़ी से काट डाला
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शहर कोतवाली क्षेत्र के किलेदार पुरवा निवासी स्वर्गीय रामदास धुरिया की अविवाहित पुत्री मीना (30) घर पर अकेली रहती थी। मीना के पिता की मौत 20 साल पहले, जबकि माता की मौत दो साल पहले हो चुकी थी। दो भाई अलग रहते हैं। बृहस्पतिवार सुबह मीना के घर के दरवाजे खुले होने पर पड़ोसियों ने जब अंदर झांककर देखा तो कमरे में खून से लथपथ मीना का शव पड़ा था। पड़ोसियों ने कर्वी में कोआपरेटिव बैंक में कैशियर के पद पर तैनात मीना के बड़े भाई अनिल और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर कुछ देर बाद अनिल पहुंच गए। शहर कोतवाल श्रीनिवास यादव फोर्स के साथ पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ कर कुल्हाड़ी को कब्जे में लेकर सील किया।
कोतवाल ने बताया कि प्रथमदृष्टया दुष्कर्म के साक्ष्य नहीं दिखे हैं। पोस्टमार्टम से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं मीना के भाई अनिल ने बताया कि मीना घर में अकेली थी। रात 12 बजे तक मोहल्ले को लोगों ने उसे देखा था। कहा कि इन दिनों घर की दीवारों की छपाई चल रही थी। महुआ निवासी एक युवक अक्सर घर आता-जाता था। उन्होंने युवक पर हत्या का शक जताया है। भाई ने बताया कि मां शिक्षक थीं और उनकी मौत के बाद पेंशन मीना को मिलती थी। इसी से खर्च चल रहा था। बताया कि एक भाई ललित छह माह पूर्व मीना से अलग हो गया था।