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प्यार करने के बदले में मिली दर्दनाक मौत, परिजनों को रेलवे ट्रैक पर टुकड़ों में मिली बेटे की लाश
Mon, 01 Jul 2019 08:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 01 Jul 2019 08:11 PM IST
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युवक की हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंका शव
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई के शाहाबाद में एक युवक को प्यार की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या कर उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। सोमवार सुबह जब हरदोई-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर दौलतपुर गंगादास के पास शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक के पिता की तहरीर पर कस्बे के ही पांच लोगों को नामजद करते हुए सात लोगों के विरुद्ध हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शाहाबाद कस्बे के मोहल्ला अल्हापुर सैदीखेल निवासी हेमंत मिश्रा (21) पुत्र विमल मिश्रा का प्रेम प्रसंग कस्बे की ही एक किशोरी के साथ था। 30 अप्रैल को हेमंत अपनी प्रेमिका के साथ घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद से वह घर पर भी नहीं आया। किशोरी और हेमंत के अलग-अलग जाति के होने के कारण दोनों के परिजन प्रेम प्रसंग से नाखुश थे।
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शाहाबाद कस्बे के मोहल्ला अल्हापुर सैदीखेल निवासी हेमंत मिश्रा (21) पुत्र विमल मिश्रा का प्रेम प्रसंग कस्बे की ही एक किशोरी के साथ था। 30 अप्रैल को हेमंत अपनी प्रेमिका के साथ घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद से वह घर पर भी नहीं आया। किशोरी और हेमंत के अलग-अलग जाति के होने के कारण दोनों के परिजन प्रेम प्रसंग से नाखुश थे।
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पुलिस की मानें तो नौ मई को हेमंत के पिता ने किशोरी को स्वीकार कर लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन 15 मई को किशोरी के पिता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई, जिस पर हेमंत के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। उधर दूसरी ओर न्यायालय में किशोरी ने हेमंत के पक्ष में बयान दिए, लेकिन नाबालिग होने के कारण किशोरी को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
सोमवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे दौलतपुर गंगादास के निकट स्थित रेलवे गेट के गेटमैन ने शाहाबाद कोतवाली पुलिस को शव पड़ा होने की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की तलाशी ली तो मोबाइल मिला और मोबाइल से ही परिजनों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे हेमंत के परिजनों ने शिनाख्त कर ली तो पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सोमवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे दौलतपुर गंगादास के निकट स्थित रेलवे गेट के गेटमैन ने शाहाबाद कोतवाली पुलिस को शव पड़ा होने की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की तलाशी ली तो मोबाइल मिला और मोबाइल से ही परिजनों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे हेमंत के परिजनों ने शिनाख्त कर ली तो पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी त्रिगुण विसेन ने बताया कि शव के दोनों हाथ अंगौछे से बंधे हुए थे। ऐसे में इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि हत्या कर शव फेंक दिया गया है। आशंका यह भी है कि हाथ बांधकर युवक को ट्रेन से धक्का दे दिया गया हो। उन्होंने बताया कि युवक के पिता विमल मिश्रा की तहरीर पर दिनेश राठौर, उनके भाई सुरेश, अभिषेक, विवेक, रजनीश और दो अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। तहरीर में मृतक के पिता ने प्रेम प्रसंग के चलते हेमंत को अज्ञात स्थान पर बुलाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
मोबाइल से खुलेगा हत्या का राज
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी त्रिगुण विसेन ने घटना की जानकारी पर कोतवाली शाहाबाद में मृतक के परिजनों से पूछतांछ की। अपर पुलिस अधीक्षक की मानें तो मृतक के परिजनों का कहना है कि 30 अप्रैल के बाद से हेमंत घर नहीं आया था, लेकिन मोबाइल पर संपर्क होता था। रविवार रात भी हेमंत की बातचीत उसकी मां से हुई थी और तब सब कुछ सामान्य था। फिलहाल हेमंत के मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल के सहारे ही पुलिस हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
...और इंस्पेक्टर को पूरी जानकारी तक नहीं
शाहाबाद के कोतवाल जितेंद्र ओझा से जब घटना को लेकर जानकारी की गई तो उन्हें खुद ही अधूरी जानकारी थी। कोतवाल यह तक नहीं बता पाए कि किशोरी को हेमंत कब अपने साथ ले गया था और कब पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था। इतना ही नहीं न्यायालय में बयान कब हुए का जवाब भी जितेंद्र ओझा नहीं दे पाए।
मोबाइल से खुलेगा हत्या का राज
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी त्रिगुण विसेन ने घटना की जानकारी पर कोतवाली शाहाबाद में मृतक के परिजनों से पूछतांछ की। अपर पुलिस अधीक्षक की मानें तो मृतक के परिजनों का कहना है कि 30 अप्रैल के बाद से हेमंत घर नहीं आया था, लेकिन मोबाइल पर संपर्क होता था। रविवार रात भी हेमंत की बातचीत उसकी मां से हुई थी और तब सब कुछ सामान्य था। फिलहाल हेमंत के मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल के सहारे ही पुलिस हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
...और इंस्पेक्टर को पूरी जानकारी तक नहीं
शाहाबाद के कोतवाल जितेंद्र ओझा से जब घटना को लेकर जानकारी की गई तो उन्हें खुद ही अधूरी जानकारी थी। कोतवाल यह तक नहीं बता पाए कि किशोरी को हेमंत कब अपने साथ ले गया था और कब पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था। इतना ही नहीं न्यायालय में बयान कब हुए का जवाब भी जितेंद्र ओझा नहीं दे पाए।