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जमीनी विवाद में 'खूनी खेल': दंपती की फावड़े-ईंट मारकर हत्या, बेटों और पहली पत्नी से चल रही थी रार, पढ़ें मामला

Wed, 10 Jan 2024 05:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 10 Jan 2024 05:27 AM IST
सार

Etawah Double Murder: एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या घरेलू जमीन के विवाद में हत्या होने की बात सामने आई है। घर में छह लोग रह रहे थे। दो लोग मृत अवस्था में मिले, जबकि चार लोग फरार हैं। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि उन्होंने हत्या की है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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Bloody game in land dispute, Couple murdered with shovel and brick, feud going on with sons and first wife
Etawah Double Murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इटावा जिले में इकदिल थाना क्षेत्र में आशाराम और उसके बेटों के बीच जिस जमीन का विवाद जमीन का विवाद चल रहा था, वह कुल 13 बीघा थी। इसमें से कुल आठ बीघा खेती आशाराम दो बार में तीन लोगों को बेच चुके थे। बची पांच बीघा खेती को कई दिनों से बचने के लिए प्रयासरत था।

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इसका दोनों बेटे और पहली पत्नी विरोध कर रहे थे, लेकिन आशाराम मानने को तैयार नहीं था। वह एक माह में दो बार बची जमीन का सौदा करने के लिए आ चुके थे। आशाराम के पिता देवीदयाल तीन भाई थे। उनमें से दो भाइयों ने शादी नहीं की थी। सिर्फ पिता देवीदयाल ने ही शादी की थी।
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सूत्रों के अनुसार, भाइयों की मिलाकर लगभग 39 बीघा जमीन थी। इसमें से एक अविवाहित भाई और आशाराम के पिता ने अपनी खेती पहले ही बेच दी थी। चाचा दंबर राजपूत ने अपनी जमीन भतीजे आशाराम के नाम कर दी थी। ऐसे में आशाराम 13 बीघा जमीन के मालिक हो गए थे।

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28 साल पहले आशाराम की गीता से शादी हुई थी
बताते हैं कि करीब 28 साल पहले परिवार वालों की इच्छा से आशाराम की गीता से शादी हुई थी। हालांकि वह उससे अमित और राहुल दो पुत्र हुए थे। आशाराम की पांच बहनें हैं। उनसे अधिकांश की शादी दिल्ली में ही हुई थी। ऐसे में छुटपन से ही आशाराम भी दिल्ली ही रहता था।

15 साल पहले अपनी छह बीघा जमीन बेच दी थी
चार साल बाद आशाराम ने दिल्ली की बेबी से शादी कर ली। वह दोनों पत्नियों से रिश्ता तो चला रहा था, लेकिन रहता वह दिल्ली में अपनी दूसरी पत्नी के पास रहता था। आशाराम ने करीब 15 साल पहले अपनी छह बीघा जमीन शहर के एक व्यक्ति को बेच दी थी। उसका दाखिल खारिज भी हो गया था।

पिता-पुत्रों और पहली पत्नी के बीच रार शुरू हो गई थी
वहीं लगभग दो साल पहले आशाराम ने गांव के ही दो लोगों को एक-एक बीघा जमीन बेच दी थी। इसका दाखिल खारिज न होने से उस पर पुरानी पत्नी और बेटों का ही कब्जा था। इसके बाद से पिता-पुत्रों और पहली पत्नी के बीच रार शुरू हो गई थी। पांच बीघा जमीन को बेचने के लिए भी लगातार आशाराम लोगों से संपर्क कर रहा था। बेटे और पत्नी इसका विरोध कर रहे थे।

एक माह में दूसरी बार आया था आशाराम
आशाराम जमीन के सौदे के लिए दिसंबर से दो बार गांव आ चुका था। वह लगभग 25 दिन पहले अकेला गांव आया था। तब वह बची पांच बीघा जमीन का सौदा कर गया था। इसके बाद लगभग 12 दिन पहले पत्नी बेवी को लेकर पहली बार गांव आया था। घर में सभी एक साथ रह रहे थे।

रात से ही पिता और पुत्रों के बीच में चल रहा था झगड़ा
एक चूल्हे पर खाना भी बनाकर खाया जा रहा था, लेकिन जमीन को लेकर रोज कहासुनी चल रही थी। बताते हैं कि मंगलवार को आशाराम अपनी बची जमीन का बैनामा भी करना चाहता था। इसे लेकर ही रात से पिता और पुत्रों के बीच में झगड़ा चल रहा था। इसको लेकर कुछ दिन पहले झगड़ा भी हो चुका था। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई थी।

दो दिन पहले कस्बे में एक मकान को देखकर भी आया था आशाराम
सूत्रों के अनुसार, घर में लड़ाई होने के बाद से आशाराम परेशान था। उसे बेटे बार-बार कह रहे थे कि यदि पूरी जमी बेच रहे हो तो घर में अब न आना। इससे परेशान होकर इकदिल कस्बे में मकान लेने का आशाराम ने मन बना लिया था। वह दो दिन पहले कस्बे में एक मकान भी देखकर आया था।

दंपती की फावड़े व ईंट मारकर हत्या
जमीन के विवाद में दंपती की ईंट और फावड़ा मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देकर मृतक के दोनों बेटे, पहली पत्नी और बहू फरार हो गए। सूचना पर डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ सिटी और थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉयड की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।

तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया
पुलिस ने रात तक तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया था। एक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस देर रात तक दबिश देती रही। इकदिल थाना क्षेत्र के नगला पूठ गांव निवासी आशाराम (50) अपनी दूसरी पत्नी बेवी (45) के साथ कई सालों से दिल्ली में रह रहे थे। वह दिल्ली में ही एक कंपनी में सेल्समेन थे।

आशाराम अपनी दूसरी पत्नी बेवी के साथ गांव आया था
गांव में उनकी पहली पत्नी गीता उर्फ रंगीली, बड़ा पुत्र अर्जुन (25), राहुल (19) और बड़े पुत्र की बहू करिश्मा रहते हैं। लगभग 12 दिन पहले गांव में बची पांच बीघा जमीन को बेचने के लिए आशाराम अपनी दूसरी पत्नी बेवी के साथ गांव में आया था। तब से सभी साथ ही घर में रह रहे थे।

प्रथमदृष्ट्या घरेलू जमीन के विवाद में हत्या होने की बात सामने आई
विरोध करने पर सौतेली मां को के भी फावड़ा मार दिया। इससे उसकी भी मौत हो गई। मौके से पहली पत्नी, दोनों बेटे और बहू फरार हो गए।  एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या घरेलू जमीन के विवाद में हत्या होने की बात सामने आई है। घर में छह लोग रह रहे थे। दो लोग मृत अवस्था में मिले, जबकि चार लोग फरार हैं। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि उन्होंने हत्या की है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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