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खून के सौदागर पैसों के खातिर इस तरह खुलेआम बेच रहे हैं बीमारियां
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 16 Dec 2017 02:37 PM IST
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में मेडिकल कॉलेज और हैलट के आसपास खून के दलाल फिर सक्रिय हो गए हैं। इन दलालों ने एक निजी चिकित्सालय में भर्ती मरीज के तीमारदारों को तीन यूनिट घटिया ब्लड बेच दिया।
कानपुर, कल्याणपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती मरीज छवि लाल को इलाज के दौरान तीन यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ी। उसका ब्लड ग्रुप बी-पाजिटिव है। अस्पताल प्रशासन ने उसे खून के सैंपल और ब्लड रिक्वायरमेंट फार्म देकर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में ब्लड लेने भेजा, पर तीमारदार ब्लड बैंक पहुंचने के बजाय दलालों से ब्लड लेकर अस्पताल पहुंच गए।
जांच में ब्लड में हीमोग्लोबिन मानक से कम मिला तो डॉक्टरों ने उसे मरीज को चढ़ाने से इनकार कर दिया। तीमारदारों से पूछा तो उन्होंने बताया कि मेडिकल कालेज ब्लड बैंक पहुंचने से पहले ही गेट के पास उसे एक युवक मिला उसने तीन यूनिट ब्लड के आठ हजार रुपये लिए और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की दो रसीदें दीं। एक रसीद 2100 रुपये की थी और दूसरी 1050 रुपये लिखे थे। यही ब्लड लेकर वह अस्पताल आया है। वहां से मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. लूबना खान को सूचना दी गई।
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डॉ. लूबना खान ने बताया कि मरीज छवि लाल के तीमारदार उनके ब्लड बैंक में नहीं आए और न ही वहां से ब्लड दिया गया है। उसने किसी दलाल के माध्यम से ब्लड लिया होगा। उसे दी गई रसीदें भी इस ब्लड बैंक की नहीं है। फर्जी रसीदें हैं।
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कानपुर, कल्याणपुर के एक नर्सिंगहोम में भर्ती मरीज छवि लाल को इलाज के दौरान तीन यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ी। उसका ब्लड ग्रुप बी-पाजिटिव है। अस्पताल प्रशासन ने उसे खून के सैंपल और ब्लड रिक्वायरमेंट फार्म देकर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में ब्लड लेने भेजा, पर तीमारदार ब्लड बैंक पहुंचने के बजाय दलालों से ब्लड लेकर अस्पताल पहुंच गए।
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जांच में ब्लड में हीमोग्लोबिन मानक से कम मिला तो डॉक्टरों ने उसे मरीज को चढ़ाने से इनकार कर दिया। तीमारदारों से पूछा तो उन्होंने बताया कि मेडिकल कालेज ब्लड बैंक पहुंचने से पहले ही गेट के पास उसे एक युवक मिला उसने तीन यूनिट ब्लड के आठ हजार रुपये लिए और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की दो रसीदें दीं। एक रसीद 2100 रुपये की थी और दूसरी 1050 रुपये लिखे थे। यही ब्लड लेकर वह अस्पताल आया है। वहां से मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. लूबना खान को सूचना दी गई।
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डॉ. लूबना खान ने बताया कि मरीज छवि लाल के तीमारदार उनके ब्लड बैंक में नहीं आए और न ही वहां से ब्लड दिया गया है। उसने किसी दलाल के माध्यम से ब्लड लिया होगा। उसे दी गई रसीदें भी इस ब्लड बैंक की नहीं है। फर्जी रसीदें हैं।