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इस टेक्निकल यूनिवर्सिटी में कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी ने किया 30 लाख का घपला

Fri, 06 Jul 2018 04:10 PM IST
हिमांशु मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर
हिमांशु मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 06 Jul 2018 04:10 PM IST
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Big Scam On HBTU Kanpur
एचबीटीयू
कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी ने हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू), कानपुर में तैनात संविदा कर्मचारियों के करीब 30 लाख रुपये हड़प लिए हैं। यहां तैनात करीब 100 कर्मचारियों के वेतन से दो से तीन हजार रुपये की कटौती की गई। यह खेल पिछले एक साल से चल रहा था। कर्मचारी शिकायत करते तो उन्हें कोई न कोई बहाना बताकर शांत करा दिया जाता। अंत में कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की तो मामला सामने आया। इस पर यूपीएसआईसी के एमडी ने एजेंसी के मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उत्तर प्रदेश स्माल इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीएसआईसी) में रजिस्टर्ड वेंडर कंपनी श्री बालाजी इंजीनियरिंग वर्क्स ने यहां पर कर्मचारी उपलब्ध कराए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों का मासिक वेतन 15023 व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन 9400 है। हालांकि तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 12760 व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 6560 रुपये दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह को वेतन कम मिलने की जानकारी दी। इस पर कुलपति ने उनके खाते चेक करवाए तो शिकायत सही निकली। कुलपति ने बताया कि चूंकि एजेंसी से सीधा उनका नाता नहीं होता है। इस पर उन्होंने यूपीएसआईसी के एमडी को पत्र लिखकर शिकायत की। साथ ही एजेंसी से हुए अनुबंध को भी खत्म करने की बात कही। इसके बाद यूपीएसआईसी के एमडी हीरालाल ने एजेंसी के मालिक सुनील कुमार शुक्ला को तीन जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
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अगली स्लाइड में पढेंः- यूपीएसआईसी की तरफ से मिलता है ठेका...

संविदा कर्मचारियों के करीब 30 लाख रुपये हड़प लिए

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एचबीटीयू
सभी सरकारी संस्थानों में संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति यूपीएसआईसी में रजिस्टर्ड वेंडर (वर्कर प्रोवाइडर एजेंसी) के माध्यम से होती है। सभी विभाग यूपीएसआईसी को अपनी डिमांड भेजते हैं। इसके बाद यूपीएसआईसी कागजी कार्रवाई करते हुए किसी एजेंसी को जिम्मेदारी देता है। फिर वह एजेंसी कर्मचारी मुहैया कराती है। कर्मचारियों का वेतन विभाग यूपीएसआईसी को भेजता है और यूपीएसआईसी वेतन एजेंसी को सौंप देता है। इसके बाद एजेंसी वाले कर्मचारियों का भुगतान करते हैं। एजेंसियां नियमानुसार कर्मचारियों के वेतन का पांच प्रतिशत हिस्सा कमीशन के तौर पर ले सकती हैं।

 

अगली स्लाइड में पढेंः- केस्को में भी किया खेल...

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केस्को के संविदा कर्मचारियों के वेतन में घालमेल का आरोप

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एचबीटीयू
श्री बालाजी इंजीनियरिंग वर्क्स एजेंसी पर केस्को के संविदा कर्मचारियों के भी वेतन में घालमेल करने का आरोप लग चुका है। यूपीएसआईसी के एमडी के मुताबिक एजेंसी की ओर से संविदा कर्मियों को चेक के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है जबकि आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जाना चाहिए। ऐसे में एजेंसी पर जीएसटी भुगतान में गबन, ईपीएफ, ईएसआई भुगतान में भी खेल करने का संदेह है।
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