अच्छी खबर: भौंती, सचेंडी औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी बेहतर बिजली, दो सबस्टेशन और एक ट्रांसमिशन बनेगा
Kanpur News: सचेंडी, किसाननगर, भीमसेनरोड, भौंती, जुगराजपुर में अभी 279 बड़ी और 51 छोटी औद्योगिक इकाइयां हैं। इनसे करीब सात करोड़ रुपये बिजली का बिल दक्षिणांचल को हर महीने मिलता है। दादानगर-पनकी औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी ढाई हजार इकाइयां हैं।
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कानपुर में सचेंडी, भौंती, किसाननगर, जुगराजपुर में औद्योगिक इकाइयां तेजी से लग रही हैं, लेकिन यहां पर पनकी, दादानगर औद्योगिक क्षेत्र जैसी बिजली नहीं मिल रही है। यहां दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की सप्लाई है। कानपुर नगर के शहरी इलाकों में केस्को और ग्रामीण व तहसील क्षेत्रों में दक्षिणांचल डिस्कॉम बिजली की आपूर्ति करता है। सिर्फ सचेंडी सबस्टेशन से यहां की 330 इकाइयों को बिजली मिलती है।
लिहाजा अब यहां दो नए 33 केवीए के सबस्टेशन और एक 220 केवीए का ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाया जाएगा। इससे अगले पांच साल तक औद्योगिक इकाइयों के विस्तार से बिजली की समस्या नहीं होगी। सचेंडी सबस्टेशन के अलावा दक्षिणांचल दो नए सबस्टेशन बनवा रहा है। आरडीएसएस स्कीम के तहत इसका बजट स्वीकृत हो गया है। करीब 13 करोड़ रुपये से भीमसेन रोड और भौंती में सबस्टेशन बनेंगे।
2.5 करोड़ रुपये किए गए हैं जारी
सचेंडी सबस्टेशन के पुनर्निर्माण के लिए भी 2.5 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सचेंडी समेत अन्य सबस्टेशनों को पनकी ट्रांसमिशन से बिजली मिलती है। ऐसे में ट्रांसमिशन कार्पोरेशन भी एक अलग ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाने को जमीन तलाश रहा है। सचेंडी पॉवर ग्रिड के पीछे जगह चिह्नित हुई है। जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
औद्योगिक क्षेत्र के विकास में बिजली कनेक्शन देने की नहीं होगी समस्या
दक्षिणांचल डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि अभी एक सब स्टेशसन से 330 औद्योगिक इकाइयों को बिजली मिल रही है। भीमसेन रोड और भौंती में दो नए सबस्टेशन से करीब 800 से एक हजार औद्योगिक इकाइयों को आसानी से बिजली दी जा सकेगी। आने वाले वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र के विकास में बिजली कनेक्शन देने की समस्या नहीं होगी।
330 फैक्ट्रियों से हर महीने सात करोड़ का बिल
सचेंडी, किसाननगर, भीमसेनरोड, भौंती, जुगराजपुर में अभी 279 बड़ी और 51 छोटी औद्योगिक इकाइयां हैं। इनसे करीब सात करोड़ रुपये बिजली का बिल दक्षिणांचल को हर महीने मिलता है। दादानगर-पनकी औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी ढाई हजार इकाइयां हैं। अभी 330 इकाइयों को सचेंडी सबस्टेशन से बिजली दी जाती है। बारिश में हाईवे के बगल में बने सबस्टेशन में पानी भर जाता है, तो 12-12 घंटे तक बिजली बंद रहती है। तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास में एक सबस्टेशन नाकाफी है।
आरडीएसएस स्कीम के तहत भीमसेन रोड और भौंती के किसाननगर में दो नए सबस्टेशन बनने से औद्योगिक इकाइयों को भरपूर बिजली मिलेगी। नया ट्रांसमिशन सबस्टेशन भी बनना है। इससे इस क्षेत्र को नए औद्योगिक विकास के तौर पर विकसित करना आसान होगा। -राजेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, दक्षिणांचल डिस्कॉम
क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से औद्योगिक इकाइयों को जिस तरह से बिजली मिलनी चाहिए, वह नहीं है। उद्योग बंधु की बैठक में भी दो नए सबस्टेशन और एक ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनने की योजना पर चर्चा हुई है। काम शुरू होने पर आठ महीने से एक साल के भीतर बिजली आपूर्ति बेहतर हो जाएगी। -मनोज बंका, प्रदेश अध्यक्ष, पीआईए