फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'जापानी इंसेफ्लाइटिस' पहुंचा उन्नाव, आसपास जिलों के डॉक्टर हैरान 

Sun, 03 Jun 2018 03:16 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 03 Jun 2018 03:16 PM IST
सार

- नवाबगंज में जापानी इंसेफ्लाइटिस का मरीज मिलने से हड़कंप
- फरवरी में कानपुर में पढ़ाई के दौरान छात्रा बीमार हुई थी
- लखनऊ केजीएमयू में मार्च में भर्ती कराने पर जेई निकला था
- इलाज के दौरान दोनों आंखों की रोशनी भी गई 
- संक्रामक रोग विभाग की टीम ने किशोरी व परिजनों से की मुलाकात

विज्ञापन
Be careful, Japanese encephalitis reached unnao
जेई से पीड़ित किशोरी से पूछताछ करते स्वास्थ्य अधिकारी।  - फोटो : अमर उजाला
यूपी के उन्नाव जिले में जेई (जापानी इंसेफ्लाइटिस) का मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। नवाबगंज क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी में जेई की पुष्टि के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की संक्रामक रोग विभाग की टीम पीड़ित के गांव पहुंची।


 
Trending Videos
Be careful, Japanese encephalitis reached unnao
डेमाे पिक
संक्रामक रोग विभाग की टीम ने परिजनों से अब तक हुए इलाज के बारे में जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि मार्च में लखनऊ के केजीएमयू में इलाज के दौरान जापानी इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि हुई थी। किशोरी की दोनों आंखों की रोशनी भी चली गई। सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि जेई का मरीज मिलने की सूचना शासन से मिली थी। वेरीफिकेशन कराने के निर्देश संक्रामक रोग विभाग को दिए थे। मरीज का उपचार कानपुर व लखनऊ में हुआ है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।

 
Be careful, Japanese encephalitis reached unnao
डेमाे पिक
नवाबगंज के धर्मशाला में एक 15 वर्षीय किशोरी के जेई से पीड़ित होने की सूचना शनिवार सुबह स्वास्थ्य विभाग को मिली थी। सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने संक्रामक रोग विभाग के नोडल अधिकारी डा. आरएस मिश्रा, डा. रवि यादव को नवाबगंज भेजा। टीम ने किशोरी रितू उपाध्याय (15) के घर पहुंच मामले की जानकारी ली। मां सुनीता ने बताया कि रितू कानपुर के कैलाशनाथ इंटर कालेज में कक्षा आठ की छात्रा थी। फरवरी 2018 में उसे बुखार आया था। उन्होंने पहले कानपुर में इलाज कराया। लाभ न मिलने पर 22 मार्च को लखनऊ केजीएमयू में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने जेई की पुष्टि की। इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसे घर भेज दिया था। 1 अप्रैल से वह नवाबगंज में नानी के घर में रह रही है। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

अप्रैल माह में चला था टीकाकरण अभियान 

Be careful, Japanese encephalitis reached unnao
डेमाे पिक
पूर्वांचल में कहर बरपाने वाले जापानी इंसेफ्लाइटिस की रोकथाम के लिए शासन ने व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। जिले में नवंबर 2017 व 2 अप्रैल से 20 अप्रैल 2018 तक जेई टीकाकरण अभियान चलाया गया था। अभियान में 95 हजार बच्चों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि अभियान में सिर्फ 89 हजार बच्चों को ही टीके लग सके थे।


 
विज्ञापन

मजदूरी कर परिवार का खर्च चला रही है सुनीता

Be careful, Japanese encephalitis reached unnao
डेमाे पिक
रितू परिजनों के साथ कानपुर में रहती थी। पिता की मौत के बाद वह मां सुनीता व अन्य भाई बहनों के साथ नवाबगंज में नानी के घर आकर रहने लगी थी। पति की मौत के बाद परिवार का खर्च चलाने के लिए सुनीता मजदूरी करने लगी।


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed