Bangladeshi Citizen Case: रिजवान का खास था कारोबारी, संभालता था हवाला कारोबार, बरकरार है पुलिस की मेहरबानी
बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान का हवाला कारोबार होटल कारोबारी संभालता था। जांच एजेंसियों को ऐसी आशंका है, लेकिन अभी तक पुलिस ने पूछताछ नहीं की है। वहीं, पुलिस ने इस संदिग्ध के बारे में पूरी जानकारी अब तक गोपनीय रखी है।
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कानपुर में बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान के करीबी होटल कारोबारी की भूमिका संदिग्ध है। वह रिजवान का हवाला का कारोबार संभालता था। ऐसी आशंका जांच एजेंसियों को है। अब तक पुलिस या अन्य एजेंसी ने उससे पूछताछ नहीं की है। हालांकि जल्द ही उस पर शिकंजा कस सकता है।
अब उसकी कुंडली खंगाली गई, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने 11 दिसंबर को डॉ. रिजवान व उसके परिवार वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसआईटी प्रकरण की जांच कर रही है। खुलासा हुआ था कि शहर का एक होटल कारोबारी भी रिजवान का बेहद करीबी है।
उसने रिजवान की पत्नी के खाते में करीब ढाई लाख जमा किए थे। हालांकि पुलिस ने उसको अभी तक आरोपी नहीं बनाया। सवाल कि होटल कारोबारी ने आखिर उनके खाते में नकदी क्यों जाम कराई? जांच एजेंसियों ने इसको बेहद गंभीरता से लिया है।
कारोबारी का बड़ा जाल, रिजवान का राइट हैंड
सूत्रों के मुताबिक होटल कारोबारी का शहर में बड़ा जाल फैला है। वह हवाला का काम करता है। रिजवान भी हवाला से जुड़े हुआ था। उसके लिए ये कारोबारी रकम इधर से उधर करता रहा। कारोबारी एक तरह से रिजवान का राइट हैंड था। जब वह जेल गया था, तब से काम बंद था।
आखिर कारोबारी पर मेहरबानी क्यों
कारोबारी ने कुछ समय पहले फजलगंज का एक होटल कब्जाने का प्रयास किया था। उसने फर्जी रजिस्ट्री भी बनाई थी। पुलिस ने उस पर मुकदमा लिखकर जेल भेजा था। इससे एक बात स्पष्ट है कि वह इस तरह के कार्यों में संलिप्त रहा है। सवाल है कि ये जानकारी सामने आने के बाद भी उस पर मेहरबानी बरकरार है, आखिर क्यों?
अफसरों का दावा...समझ से परे
पुलिस के उच्चाधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान अब तक ये तथ्य सामने नहीं आया था। अब जब पता चला है, तो जांच की जा रही है। मगर हकीकत ये है कि सभी जांच एजेंसियों को इसकी पूरी खबर है। पुलिस को जानकारी न होने की बात गले नहीं उतर रही है। कहीं ऐसा तो नहीं कारोबारी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कारोबारी से बांग्लादेशी नागरिक के कनेक्शन की बात सामने की जानकारी हुई थी। इस तथ्य की पुष्टि के लिए तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर