फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Bangladeshi Citizen Case: Dr. Rizwan second son was also arrested

बांग्लादेशी नागरिक प्रकरण: डॉ. रिजवान का दूसरा बेटा भी दबोचा गया, किशोर को भेजा गया बच्चा जेल

Tue, 13 Dec 2022 11:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 13 Dec 2022 11:43 PM IST
सार

एसीपी अमरनाथ यादव ने बताया कि नाबालिग के पास मोबाइल मौजूद था, जिसका नंबर पुलिस को पता था। उसने अपने मोबाइल फोन से मैसेज किया जिसे ट्रेस करते हुए पुलिस नाबालिग तक पहुंच गई।
 

विज्ञापन
Bangladeshi Citizen Case: Dr. Rizwan second son was also arrested
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान के दूसरे नाबालिग (14) बेटे को भी मंगलवार को दबोच लिया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे नौबस्ता स्थित बच्चा जेल भेज दिया है। इस मामले में डॉ. रिजवान, पत्नी हिना, बेटी रुखसार (21), ससुर खालिद को जेल भेजा चुका है, जबकि एक नाबालिग बेटा बच्चा जेल भेजा जा चुका है।
विज्ञापन


जब डॉ. रिजवान मोहम्मद की गिरफ्तारी हो रही थी तो दूसरा नाबालिग बेटा रिश्तेदार की शादी में सिविल लाइंस गया था। जब उसे परिजनों की गिरफ्तारी के बारे में पता चला तो रिश्तेदारों ने उसे ग्रीनपार्क के पास किसी घर में रुकवा दिया था। एसीपी अमरनाथ यादव ने बताया कि नाबालिग के पास मोबाइल मौजूद था, जिसका नंबर पुलिस को पता था। उसने अपने मोबाइल फोन से मैसेज किया जिसे ट्रेस करते हुए पुलिस नाबालिग तक पहुंच गई।
विज्ञापन


कोलकाता से बनाया गया फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
पुलिस ने नाबालिग के पास से सन् 2016 का कोलकाता के एक अस्पताल का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बरामद किया है। इसके अनुसार उसकी उम्र करीब आठ साल होनी चाहिए, जबकि वह 14 साल का है। असलियत में उसका जन्म बांग्लादेश में हुआ था। पुलिस ने नाबालिग से महिला दरोगा के नेतृत्व में पूछताछ की। उसने बताया कि उसके घर पर कई नेताओं का आनाजाना था। सपा विधायक इरफान सोलंकी को वह अच्छे से पहचानता है। उनके अलावा भी कई लोग उसके घर पर आते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पापा ने एक नेता को दिया था बैग
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि इसी साल मार्च में उसके यहां एक नेता आए थे, जिन्हें पिता ने एक बैग दिया था। पुलिस का मानना है कि उस बैग में नोट भरे होंगे। 

महंगे पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा था
नाबालिग भी ग्वालटोली स्थित एक महंगे पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा है। उसका भी फर्जी आधार कार्ड, सपा विधायक इरफान और पार्षद मन्नु रहमान के प्रमाण पत्र से बनवाया गया था। वह भी यहां अवैध तरीके से रह रहा था। जिस पब्लिक स्कूल में नाबालिग पढ़ता है। उसकी सालाना फीस एक लाख रुपये है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed