बांग्लादेशी नागरिक प्रकरण: डॉ. रिजवान का दूसरा बेटा भी दबोचा गया, किशोर को भेजा गया बच्चा जेल
एसीपी अमरनाथ यादव ने बताया कि नाबालिग के पास मोबाइल मौजूद था, जिसका नंबर पुलिस को पता था। उसने अपने मोबाइल फोन से मैसेज किया जिसे ट्रेस करते हुए पुलिस नाबालिग तक पहुंच गई।
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जब डॉ. रिजवान मोहम्मद की गिरफ्तारी हो रही थी तो दूसरा नाबालिग बेटा रिश्तेदार की शादी में सिविल लाइंस गया था। जब उसे परिजनों की गिरफ्तारी के बारे में पता चला तो रिश्तेदारों ने उसे ग्रीनपार्क के पास किसी घर में रुकवा दिया था। एसीपी अमरनाथ यादव ने बताया कि नाबालिग के पास मोबाइल मौजूद था, जिसका नंबर पुलिस को पता था। उसने अपने मोबाइल फोन से मैसेज किया जिसे ट्रेस करते हुए पुलिस नाबालिग तक पहुंच गई।
कोलकाता से बनाया गया फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
पुलिस ने नाबालिग के पास से सन् 2016 का कोलकाता के एक अस्पताल का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बरामद किया है। इसके अनुसार उसकी उम्र करीब आठ साल होनी चाहिए, जबकि वह 14 साल का है। असलियत में उसका जन्म बांग्लादेश में हुआ था। पुलिस ने नाबालिग से महिला दरोगा के नेतृत्व में पूछताछ की। उसने बताया कि उसके घर पर कई नेताओं का आनाजाना था। सपा विधायक इरफान सोलंकी को वह अच्छे से पहचानता है। उनके अलावा भी कई लोग उसके घर पर आते थे।
पापा ने एक नेता को दिया था बैग
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि इसी साल मार्च में उसके यहां एक नेता आए थे, जिन्हें पिता ने एक बैग दिया था। पुलिस का मानना है कि उस बैग में नोट भरे होंगे।
महंगे पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा था
नाबालिग भी ग्वालटोली स्थित एक महंगे पब्लिक स्कूल में पढ़ रहा है। उसका भी फर्जी आधार कार्ड, सपा विधायक इरफान और पार्षद मन्नु रहमान के प्रमाण पत्र से बनवाया गया था। वह भी यहां अवैध तरीके से रह रहा था। जिस पब्लिक स्कूल में नाबालिग पढ़ता है। उसकी सालाना फीस एक लाख रुपये है।