{"_id":"689def7472b7835a770af99d","slug":"banda-when-ambulance-was-not-available-patient-was-brought-to-hospital-by-jugaad-after-travelling-60-kms-2025-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda: एंबुलेंस नहीं मिली तो जुगाड़ से 60 किमी. का सफर तय कर मरीज को पहुंचाया अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda: एंबुलेंस नहीं मिली तो जुगाड़ से 60 किमी. का सफर तय कर मरीज को पहुंचाया अस्पताल
Thu, 14 Aug 2025 07:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 14 Aug 2025 07:48 PM IST
सार
Banda News: जुगाड़ से 60 किमी. का सफर तय कर मरीज को अस्पताल पहुंचाया। मामला मरका थाना क्षेत्र के मऊ गांव का है।
विज्ञापन
जुगाड़ से अस्पताल लाया गया मरीज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एंबुलेंस मिली नहीं तो जुगाड़ वाहन से मरीज को लेकर 60 किलोमीटर का सफर तय कर गुरुवार को परिजन जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि मरीज को लाने के लिए एंबुलेंस को कॉल की गई लेकिन कॉल नहीं लगी। मरीज की जान बचाने के लिए मजबूरी में यह कदम उठाया है।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पिंडारन गांव निवासी जीत साहू ने बताया कि उनकी ससुराल मरका थाना क्षेत्र के मऊ गांव में है। गुरुवार की सुबह ससुराल से फोन आया कि साले देवराज (58) की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इस पर वह मऊ पहुंचे। पता चला कि परिवार और पड़ोसी घंटों से एंबुलेंस के लिए फोन कर रहे हैं लेकिन कॉल नहीं रही थी। एक दो बार फोन भी लगा तो पूरी बात नहीं हो पाई।
देवराज की हालत बिगड़ती देख जुगाड़ वाहन बाइक पर उन्हें लेटाया और 60 किलोमीटर का सफर तय कर शाम चार बजे जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। परिजनों का कहना है कि 108 और 102 नंबर की एंबुलेंस सेवाओं का फोन नहीं लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पिंडारन गांव निवासी जीत साहू ने बताया कि उनकी ससुराल मरका थाना क्षेत्र के मऊ गांव में है। गुरुवार की सुबह ससुराल से फोन आया कि साले देवराज (58) की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इस पर वह मऊ पहुंचे। पता चला कि परिवार और पड़ोसी घंटों से एंबुलेंस के लिए फोन कर रहे हैं लेकिन कॉल नहीं रही थी। एक दो बार फोन भी लगा तो पूरी बात नहीं हो पाई।
विज्ञापन
देवराज की हालत बिगड़ती देख जुगाड़ वाहन बाइक पर उन्हें लेटाया और 60 किलोमीटर का सफर तय कर शाम चार बजे जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। परिजनों का कहना है कि 108 और 102 नंबर की एंबुलेंस सेवाओं का फोन नहीं लगता है।
विज्ञापन
बबेरू और मरका क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या रहती है। बारिश के मौसम समस्या ज्यादा हो जाती है। मामले की जांच कराई जाएगी। समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। - डॉ. बिजेंद्र सिंह, सीएमओ, बांदा