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Banda News: पिता की दो दशक पुरानी मेडिकल एजेंसी, बेटा कोडीन सीरप के मामले में गिरफ्तार
Mon, 14 Sep 2026 11:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:41 PM IST
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अतर्रा (बांदा)। कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप के मामले में कस्बे के रामलीला मैदान मार्ग निवासी रोहित पांडेय की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाशने की चुनौती है। उसके पिता की दो दशक पुरानी मेडिकल एजेंसी है।
तीन सितंबर को 30 हजार शीशियों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा केवल आरोपियों तक सीमित न रहकर इस बात तक पहुंचना जरूरी है कि खेप किसने मंगाई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े थे। मामले का एक पहलू रोहित पांडेय के परिवार की मेडिकल कारोबार से पुरानी जुड़ाव भी है। परिवार की रामलीला मैदान मार्ग स्थित घर में करीब दो दशक से मेडिकल एजेंसी संचालित होने की बात सामने आई है।
हालांकि, मेडिकल कारोबार और रोहित की कथित कोडीन सिरप सप्लाई के बीच कोई संबंध था या नहीं, यह जांच का विषय है। महज पारिवारिक कारोबार के आधार पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अब पुलिस की जांच और दस्तावेजी साक्ष्य ही इसकी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
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पुलिस के सामने अब आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। इससे कथित सप्लाई नेटवर्क की दूसरी कड़ियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
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तीन करोड़ कीमत पर पुलिस ने लगाया विराम
तीन सितंबर को 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त सिरप बरामदगी के दौरान पुलिस ने इसकी कीमत 60.45 लाख रुपये बताई थी लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया व आम चर्चा में किसी तरह इसकी कीमत तीन करोड़ होने की बात फैलाई गई। इस पर एसपी पलाश बंसल ने बताया कि सौ एमएल की सिरप पर 201 रुपये के करीब एमआरपी थी। इसके अनुसार कीमत 60.45 लाख रुपये ही हुई। वहीं तीन करोड़ अगर कीमत है तो एक सौ एमएल शीशी की कीमत एक हजार रुपये हो गई, जो संभव नहीं है।
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तीन सितंबर को 30 हजार शीशियों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा केवल आरोपियों तक सीमित न रहकर इस बात तक पहुंचना जरूरी है कि खेप किसने मंगाई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े थे। मामले का एक पहलू रोहित पांडेय के परिवार की मेडिकल कारोबार से पुरानी जुड़ाव भी है। परिवार की रामलीला मैदान मार्ग स्थित घर में करीब दो दशक से मेडिकल एजेंसी संचालित होने की बात सामने आई है।
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हालांकि, मेडिकल कारोबार और रोहित की कथित कोडीन सिरप सप्लाई के बीच कोई संबंध था या नहीं, यह जांच का विषय है। महज पारिवारिक कारोबार के आधार पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अब पुलिस की जांच और दस्तावेजी साक्ष्य ही इसकी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
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पुलिस के सामने अब आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। इससे कथित सप्लाई नेटवर्क की दूसरी कड़ियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
तीन करोड़ कीमत पर पुलिस ने लगाया विराम
तीन सितंबर को 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त सिरप बरामदगी के दौरान पुलिस ने इसकी कीमत 60.45 लाख रुपये बताई थी लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया व आम चर्चा में किसी तरह इसकी कीमत तीन करोड़ होने की बात फैलाई गई। इस पर एसपी पलाश बंसल ने बताया कि सौ एमएल की सिरप पर 201 रुपये के करीब एमआरपी थी। इसके अनुसार कीमत 60.45 लाख रुपये ही हुई। वहीं तीन करोड़ अगर कीमत है तो एक सौ एमएल शीशी की कीमत एक हजार रुपये हो गई, जो संभव नहीं है।