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Banda News: प्रयागराज से पहुंची टीम, दिनभर खंगाले अभिलेख
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बांदा। स्वास्थ्य विभाग के जीपीएफ फर्जीवाड़े की जांच के लिए प्रयागराज से सोमवार को फिर टीम यहां पहुंची।
टीम ने अपर निदेशक स्वास्थ्य चित्रकूटधाम मंडल के कार्यालय में दिनभर अभिलेख खंगाले। फर्जीवाड़े में आरोपित कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और जीपीएफ पासबुक भी जांच के लिए तलब की गई थीं, लेकिन संबंधित सेवा अभिलेख उपलब्ध नहीं हो सके। इससे जांच पूरी नहीं हो सकी। टीम ने उपलब्ध अन्य अभिलेखों की पड़ताल और उनके मिलान की प्रक्रिया पूरी की।
बांदा और महोबा में स्वास्थ्य विभाग के जीपीएफ खातों में हेरफेर कर लाखों रुपये की रकम निकालने का मामला सामने आया है। प्रयागराज लेखा विभाग की जांच में बांदा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार के जीपीएफ खाते से 70 लाख रुपये से अधिक का ऋण लिए जाने का मामला पकड़ा गया था। जांच में सामने आया कि खाते में इतनी धनराशि जमा ही नहीं थी।
वहीं, महोबा स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक संतोष कुमार वर्मा पर करीब 85 लाख रुपये के गबन का आरोप है। जांच में सामने आया कि लिपिक ने चालक अंबिका समेत कई कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में हेरफेर कर रकम निकाली। मामले में आरोपित कर्मचारियों के सेवा संबंधी अभिलेख जांच के लिए मांगे गए थे।
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प्रयागराज लेखा विभाग की टीम ने सेवा पुस्तिका और जीपीएफ पासबुक समेत अन्य रिकॉर्ड मांगे थे। संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं होने पर टीम ने कार्यालय में मौजूद अन्य दस्तावेजों की जांच की। रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का मिलान किया गया। टीम इससे पहले मामले में आरोपी कर्मचारियों के बयान भी दर्ज कर चुकी है।
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जांच टीम ने मीडिया से बनाई दूरी
जांच के लिए पहुंची टीम ने सोमवार को भी मीडिया से बातचीत नहीं की। अधिकारियों ने कहा कि जांच के संबंध में स्थानीय अधिकारी ही जानकारी देंगे। टीम की ओर से जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई।
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वर्जन
टीम अपनी जांच कर रही है। जांच टीम की ओर से जो भी अभिलेख मांगे जा रहे हैं, उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद शासन से जो भी कार्रवाई के आदेश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।
- डॉ. अभय सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य, चित्रकूटधाम मंडल
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कार्रवाई के लिए शासन से मांगा मार्गदर्शन
जीपीएफ फर्जीवाड़े के मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अभय सिंह ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। उन्होंने शासन को पत्र भेजकर पूछा है कि मामले में दोषी पाए गए कर्मचारियों के विरुद्ध किस तरह की कार्रवाई की जाए। पत्र में संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने और उनके खाते सीज कराने का भी उल्लेख किया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग को शासन के जवाब का इंतजार है।
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टीम ने अपर निदेशक स्वास्थ्य चित्रकूटधाम मंडल के कार्यालय में दिनभर अभिलेख खंगाले। फर्जीवाड़े में आरोपित कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और जीपीएफ पासबुक भी जांच के लिए तलब की गई थीं, लेकिन संबंधित सेवा अभिलेख उपलब्ध नहीं हो सके। इससे जांच पूरी नहीं हो सकी। टीम ने उपलब्ध अन्य अभिलेखों की पड़ताल और उनके मिलान की प्रक्रिया पूरी की।
बांदा और महोबा में स्वास्थ्य विभाग के जीपीएफ खातों में हेरफेर कर लाखों रुपये की रकम निकालने का मामला सामने आया है। प्रयागराज लेखा विभाग की जांच में बांदा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ देवेंद्र कुमार के जीपीएफ खाते से 70 लाख रुपये से अधिक का ऋण लिए जाने का मामला पकड़ा गया था। जांच में सामने आया कि खाते में इतनी धनराशि जमा ही नहीं थी।
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वहीं, महोबा स्वास्थ्य विभाग में तैनात लिपिक संतोष कुमार वर्मा पर करीब 85 लाख रुपये के गबन का आरोप है। जांच में सामने आया कि लिपिक ने चालक अंबिका समेत कई कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में हेरफेर कर रकम निकाली। मामले में आरोपित कर्मचारियों के सेवा संबंधी अभिलेख जांच के लिए मांगे गए थे।
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प्रयागराज लेखा विभाग की टीम ने सेवा पुस्तिका और जीपीएफ पासबुक समेत अन्य रिकॉर्ड मांगे थे। संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं होने पर टीम ने कार्यालय में मौजूद अन्य दस्तावेजों की जांच की। रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का मिलान किया गया। टीम इससे पहले मामले में आरोपी कर्मचारियों के बयान भी दर्ज कर चुकी है।
जांच टीम ने मीडिया से बनाई दूरी
जांच के लिए पहुंची टीम ने सोमवार को भी मीडिया से बातचीत नहीं की। अधिकारियों ने कहा कि जांच के संबंध में स्थानीय अधिकारी ही जानकारी देंगे। टीम की ओर से जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई।
वर्जन
टीम अपनी जांच कर रही है। जांच टीम की ओर से जो भी अभिलेख मांगे जा रहे हैं, उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद शासन से जो भी कार्रवाई के आदेश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।
- डॉ. अभय सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य, चित्रकूटधाम मंडल
कार्रवाई के लिए शासन से मांगा मार्गदर्शन
जीपीएफ फर्जीवाड़े के मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अभय सिंह ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। उन्होंने शासन को पत्र भेजकर पूछा है कि मामले में दोषी पाए गए कर्मचारियों के विरुद्ध किस तरह की कार्रवाई की जाए। पत्र में संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने और उनके खाते सीज कराने का भी उल्लेख किया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग को शासन के जवाब का इंतजार है।