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Banda: शिक्षक विधायक का तहसील प्रशासन पर फूटा गुस्सा, भूमि को अकृषक घोषित कराने को चार साल से अटकी फाइल
Sat, 06 Jul 2024 07:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 06 Jul 2024 07:59 PM IST
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एसडीएम कार्यालय में बैठे शिक्षक विधायक बाबूलाल
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षक विधायक को अपनी कृषि भूमि को अकृषक कराने के लिए चार वर्ष से चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शनिवार को वह तहसील पहुंचे और एसडीएम कार्यालय में जब जानकारी की तो पता चला कि फाइल ही गायब है। इस पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। कहा कि जब विधायकों के काम चार वर्ष में नहीं होते तो आमजन की स्थिति क्या होगी। यह मुद्दा वह सदन में उठाएंगे।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड से शिक्षक एमएलसी बाबूलाल तिवारी का कहना है कि उनका डॉ.बीआर आंबेडकर विधि महाविद्यालय संचालित हो रहा है। चार वर्ष पहले जमीन की फाइल अकृषक भूमि घोषित कराने के लिए तहसील में पेश की थी, ताकि इस भूमि को व्यावसायिक घोषित किया जा सके।
जमीन को महाविद्यालय के कार्य में प्रयोग की जा सके। शनिवार को दोपहर वह तहसील पहुंचे तो उन्हें मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। इस पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। कहा कि जब प्रशासन उनके साथ यह बर्ताव कर रहा है तो आम आदमी का काम तो होता ही नहीं होगा। आरोप लगाए कि यहां जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। यह मामला वह सदन में उठाकर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई कराएंगे। उधर, हंगामा होते देख कर्मचारी तहसील से खिसक गए। उधर, एसडीएम नरैनी विकास यादव से बात करने का प्रयास किया गया, पर बात नहीं हो सकी।
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इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड से शिक्षक एमएलसी बाबूलाल तिवारी का कहना है कि उनका डॉ.बीआर आंबेडकर विधि महाविद्यालय संचालित हो रहा है। चार वर्ष पहले जमीन की फाइल अकृषक भूमि घोषित कराने के लिए तहसील में पेश की थी, ताकि इस भूमि को व्यावसायिक घोषित किया जा सके।
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जमीन को महाविद्यालय के कार्य में प्रयोग की जा सके। शनिवार को दोपहर वह तहसील पहुंचे तो उन्हें मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। इस पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। कहा कि जब प्रशासन उनके साथ यह बर्ताव कर रहा है तो आम आदमी का काम तो होता ही नहीं होगा। आरोप लगाए कि यहां जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। यह मामला वह सदन में उठाकर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई कराएंगे। उधर, हंगामा होते देख कर्मचारी तहसील से खिसक गए। उधर, एसडीएम नरैनी विकास यादव से बात करने का प्रयास किया गया, पर बात नहीं हो सकी।
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