बांदा जिले में पांचों दोस्त अगर पिता की बात मान लेते, तो शायद यह हादसा नहीं होता। दूल्हे ने बताया कि उसके पिता ने पांचों को रोका था। कहा था कि बहू की विदाई के बाद चलना। वह सब नहीं रुके और हादसा हो गया। हादसे की खबर सुनकर उसने भांवर लेने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद में सबके समझाने में उसने भांवर कराईं। पैलानी थाना क्षेत्र के निवाइच गांव में पांच दोस्तों की हादसे में हुई मौत का मातम दूसरे दिन भी छाया रहा। जिस घर में दो दिन पहले तक शादी के मंगल गीत गाए जा रहे थे। वहां सन्नाटा पसरा रहा। दूल्हा शुभम सिंह का वैवाहिक कंगन खुलने के बाद वह मृतकों के घर पहुंचा।
शुभम ने बताया कि शादी के जयमाल तक पांचों दोस्त उसके साथ ही थे। रात दो बजे जब वह सब निकलने को हुए तो पिता उदय प्रताप सिंह ने उन्हें रात में न जाने की बात कहकर रोका था। उसने कहा था कि गुरुवार को सुबह 11 बजे तक विदा होने पर साथ चलना, लेकिन वह सब नहीं माने।
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Banda Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
हादसे को सुनकर वह रोने लगा। दूल्हे ने बताया कि सुबह पांच बजे उसे हादसे की खबर लगी। उस समय भांवर का कार्यक्रम हो रहा था। उसने भांवर लेने से मना कर दिया। गांव के लोगों की बात मानकर उसने भांवर कराई। दूल्हा शुभम सिंह एकांत कमरे में जाकर बैठ गया। परिजनों के कई बार कहने के बाद भी उसने खाना नहीं खाया।
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आर्मी जवान सुशील के दोनो पैरों का हुआ ऑपरेशन
दूल्हा शुभम सिंह ने बताया कि स्कार्पियो में उमेश सिंह, अतुल सिंह, अभिनय सिंह, सुशील सिंह उर्फ भूरा बैठे थे। स्कार्पियो कुलदीप सिंह खुद चला रहा था। बोलेरो में सौरभ सिंह, पंकज, आनंद, साहिल और प्रभात पांडे बैठे थे। बोलेरो विभास उर्फ धम्मू चला रहा था।
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इनमें उमेश सिंह, अभिनय सिंह, कुलदीप सिंह, अतुल सिंह व प्रभात पांडे की मौत हो गई थी। आर्मी जवान सुशील सिंह उर्फ भूरा गंभीर घायल हुआ था। सुशील का कानपुर के आर्मी हॉस्पिटल में दोनों पैरों का ऑपरेशन हो चुका है। अब वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
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अतुल के पिता नोएडा से पहुंचे गांव
उन्होंने बताया कि वह वहां प्राइवेट जॉब कर रहे हैं। उन्हें उनके छोटे भाई शिवश्याम सिंह ने घटना की जानकारी दी थी। दूल्हे शुभम सिंह ने उनके घर जाकर सांत्वना दी।