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यूपी: शाहाबाद के पूर्व विधायक बब्बू छोड़ेंगे हाथी की सवारी, इस पार्टी में शामिल होने की सुगबुगाहट
Fri, 21 Feb 2020 09:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 21 Feb 2020 09:04 AM IST
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अखिलेश से मिलते पूर्व विधायक बब्बू
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक परिवर्तन होने की सुगबुगाहट गुरुवार दोपहर बाद ही शुरू हो गई। इस परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र पर पड़ेगा। इससे इतर पूरे जनपद में अल्पसंख्यक वर्ग पर भी इस राजनीतिक उलटफेर का असर भविष्य में दिखाई देगा।
शाहाबाद से बसपा के पूर्व विधायक और मौजूदा नगर पालिकाध्यक्ष के पति आसिफ खां बब्बू शुक्रवार को हाथी की सवारी छोड़ देंगे। उनके अगले कदम पर भी लोगों की निगाह लगी हुई हैं। पूर्व विधायक मुस्लिम समाज के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते हैं। वर्ष 1995, 2001, 2006, 2011 में हुए नगर पालिका के आम चुनावों में वह लगातार शाहाबाद नगर पालिका के अध्यक्ष चुने गए थे।
वर्ष 2017 में हुए नगर पालिका चुनाव में शाहाबाद नगर पालिकाध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित होने पर उनकी पत्नी नसरीन बानो अध्यक्ष चुनीं गईं थीं। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में आसिफ खां बब्बू शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी रजनी तिवारी से 3208 वोट से हार गए थे।
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शाहाबाद से बसपा के पूर्व विधायक और मौजूदा नगर पालिकाध्यक्ष के पति आसिफ खां बब्बू शुक्रवार को हाथी की सवारी छोड़ देंगे। उनके अगले कदम पर भी लोगों की निगाह लगी हुई हैं। पूर्व विधायक मुस्लिम समाज के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते हैं। वर्ष 1995, 2001, 2006, 2011 में हुए नगर पालिका के आम चुनावों में वह लगातार शाहाबाद नगर पालिका के अध्यक्ष चुने गए थे।
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वर्ष 2017 में हुए नगर पालिका चुनाव में शाहाबाद नगर पालिकाध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित होने पर उनकी पत्नी नसरीन बानो अध्यक्ष चुनीं गईं थीं। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में आसिफ खां बब्बू शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में वह भाजपा प्रत्याशी रजनी तिवारी से 3208 वोट से हार गए थे।
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आसिफ खां बब्बू को 96086 वोट मिले थे और रजनी तिवारी को 99294 वोट हासिल हुए थे। पिछले कुछ दिनों से बब्बू के बसपा छोडने की चर्चाएं जोरों पर थीं। अमर उजाला को मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक पूर्व विधायक और नगर पालिकाध्यक्ष के पति आसिफ खां बब्बू शुक्रवार को बसपा छोडने की घोषणा कर देंगे। इस बारे में पूछे जाने पर आसिफ खां बब्बू ने कहा कि शुक्रवार तक सब कुछ सभी के सामने होगा।
दो मार्च को साइकिल पर सवार हो सकते हैं बब्बू
अमर उजाला के पास उपलब्ध पुख्ता जानकारी के मुताबिक बसपा के पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू दो मार्च को समाजवादी पार्टी में शामिल होकर साइकिल की सवारी कर सकते हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक उनके व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। बुधवार को भी दोनों नेताओं के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक बैठक हुई है।
सपा को भी है अल्पसंख्यक चेहरे की तलाश
जनपद में समाजवादी पार्टी को भी कद्दावर अल्पसंख्यक चेहरे की तलाश है। बब्बू के साइकिल पर सवार होते ही यह तलाश पूरी हो जाएगी। दरअसल बसपा से कई बार विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे अब्दुल मन्नान ने पिछला विधानसभा चुनाव संडीला से सपा के टिकट पर लड़ा था। लंबे अंतर से चुनाव हारने के बाद वह फिर से बसपा में चले गए थे। मुस्लिम चेहरे के रूप में सपा के पास सिर्फ बाबू खां और शराफत अली ही बचे थे, लेकिन दोनों की ढलती उम्र पार्टी की चिंता बढ़ा रही थी। फिलहाल सपा की तलाश बब्बू के जरिये पूरी होने की चर्चाएं जोरों पर हैं।
दो मार्च को साइकिल पर सवार हो सकते हैं बब्बू
अमर उजाला के पास उपलब्ध पुख्ता जानकारी के मुताबिक बसपा के पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू दो मार्च को समाजवादी पार्टी में शामिल होकर साइकिल की सवारी कर सकते हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक उनके व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। बुधवार को भी दोनों नेताओं के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक बैठक हुई है।
सपा को भी है अल्पसंख्यक चेहरे की तलाश
जनपद में समाजवादी पार्टी को भी कद्दावर अल्पसंख्यक चेहरे की तलाश है। बब्बू के साइकिल पर सवार होते ही यह तलाश पूरी हो जाएगी। दरअसल बसपा से कई बार विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे अब्दुल मन्नान ने पिछला विधानसभा चुनाव संडीला से सपा के टिकट पर लड़ा था। लंबे अंतर से चुनाव हारने के बाद वह फिर से बसपा में चले गए थे। मुस्लिम चेहरे के रूप में सपा के पास सिर्फ बाबू खां और शराफत अली ही बचे थे, लेकिन दोनों की ढलती उम्र पार्टी की चिंता बढ़ा रही थी। फिलहाल सपा की तलाश बब्बू के जरिये पूरी होने की चर्चाएं जोरों पर हैं।