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UP: अवनीश पर बिकरू कांड के आरोपियों की मदद करने का भी आरोप, पीड़ित बोला- धमकाया था गोली मार देंगे, पढ़ें अपडेट

Fri, 02 Aug 2024 06:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 02 Aug 2024 06:18 AM IST
सार

Kanpur News: सिविल लाइंस में जमीन कब्जाने के प्रयास में जेल भेजे गए अवनीश पर पांच दिन में पांच मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। बता दें कि अवनीश पर अब बिकरू कांड के आरोपियों की मदद करने का भी आरोप लगा है, जिसमें भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

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Avnish is also accused of helping the accused of Bikaru case, five cases registered in five days
सिविल लाइंस में जमीन कब्जाने के प्रयास का मामला - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर के सिविल लाइंस में नजूल की एक हजार करोड़ रुपये की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास के आरोपी प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। पुलिस ने गुरुवार को अवनीश समेत 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

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आरोप है कि बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के खजांची जयकांत बाजपेई, उसके भाइयों व सहयोगियों के खिलाफ कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता सौरभ भदौरिया को धमकाया और रंगदारी मांगी। अधिवक्ता की तहरीर पर ही नजीराबाद थाने में मामला दर्ज हुआ है।

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वहीं चकेरी में भी प्लॉट कब्जाने के आरोप में अवनीश समेत सात नामजद और 10-12 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। पांच दिन में अवनीश पर पांचवां मुकदमा दर्ज हुआ है। ब्रह्मनगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सौरभ भदौरिया ने बताया कि वे बिकरू कांड में गैंगस्टर के आरोपी जयकांत बाजपेई व उसके भाइयों के खिलाफ पैरवी कर रहे हैं।

बिकरू कांड व अन्य घोटालों की पैरवी न करने का बनाया दबाव
बिकरू कांड में उनकी गवाही भी शामिल है। जय के साथ उसके तीन भाई रजयकांत, शोभित और अजयकांत भी जेल गए थे। आरोप लगाया कि जेल से छूटने के बाद जयकांत के तीनों भाइयों के साथ अवनीश दीक्षित, विपिन गुप्ता, यश मिश्रा, असलम राइनी, सलमान खान, निसार अहमद, विवेक पांडेय उर्फ सोनू, राहुल बाजपेई, विशाल कोरी, अमन तिवारी, हिस्ट्रीशीटर मनोज यादव, प्रिंस सोनकर, अभिनव शुक्ला, रमन गुप्ता, इकलाख अहमद समेत 5-7 अज्ञात लोगों ने कई बार उन्हें रोककर बिकरू कांड व अन्य घोटालों की पैरवी न करने का दबाव बनाया।

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झूठी व भ्रामक खबरें चलानी शुरू कर दीं
विरोध करने पर ब्रह्मास्त्र नाम के पोर्टल से बिपिन गुप्ता व उसके साथियों ने झूठी व भ्रामक खबरें चलानी शुरू कर दीं। सौरभ के मुताबिक इसके बाद भी वह पैरवी से नहीं हटे। बीते वर्ष तीन अगस्त की रात करीब 9:45 बजे सभी आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। जयकांत के भाई रजय व शोभित ने कहा कि तुम्हारे कारण मेरा भाई बर्बाद हो गया।

आरोपियों के दबाव के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की
इस पर अवनीश व विपिन गुप्ता ने पिस्तौल रखकर कहा कि 20 लाख का इंतजाम कर दो, नहीं तो गोली मार देंगे। सौरभ के मुताबिक आरोपियों की धमकी से वे भयभीत हो गए और 35 हजार रुपये दे भी दिए। बाकी रकम बाद में देने की बात कहकर जान बचाई। सौरभ के मुताबिक उन्होंने कई बार एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों के दबाव के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

दूसरा मामला चकेरी का,  सात नामजद और 10-12 अज्ञात
वहीं, चकेरी के सावित्री नगर मंगला विहार-द्वितीय निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनका एक मकान देहली सुजानपुर बाईपास पर है। 14 अप्रैल को वे अपने प्लॉट में थे। तभी ओमपुरवा निवासी कुसुम शर्मा व उनके पति महेश चंद्र शर्मा साथियों अवनीश दीक्षित, अभिनव शुक्ला, नेकराम, जगदीश के साथ आए और प्लॉट पर कब्जा करने की धमकी देने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने 10 लाख की रंगदारी मांगी।

फर्जी बैनामा तैयार कर प्लॉट कब्जाने का प्रयास किया
मना करने पर मारपीट करने पर उतारू हो गए। लोगों के आने पर जातिसूचक शब्द कहते हुए भाग गए। राजेश के मुताबिक नेकराम, जगदीश सगे भाई हैं और देहली सुजानपुर में रहते हैं। दोनों ने कुसुम व उसके पति के साथ मिलकर उनके प्लॉट का फर्जी बैनामा तैयार किया और कब्जे का प्रयास किया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने बताया कि राजेश की तहरीर पर अवनीश दीक्षित, कुसुम शर्मा, उनके पति महेश शर्मा, अभिवन शुक्ला, नेकराम व जगदीश के अलावा 10-12 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।

 अधिवक्ता सौरभ भदौरिया की तहरीर पर नजीराबाद थाने में अवनीश समेत 18 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच और आरोपियों की तलाश की जा रही है।  -हरीश चंदर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर

पीएफ घोटाले की नए सिरे से जांच शुरू, वादी से एसीपी ने जानकारी ली
करोड़ों की जमीन कब्जा करने के प्रयास के आरोप में फंसे प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित के बाद अब उनके परिवार की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस ने केस्को के संविदा कर्मियों की भविष्य निधि (पीएफ) से जुड़े घोटाले की फिर से जांच शुरू कर दी है। जांच कर रहे एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार ने गुरुवार को केस के वादी से मामले की जानकारी ली।

मुकुल दुबे समेत कई नियोक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
इस मामले में श्रमिकों को पीएफ भुगतान दिलाने का झांसा देने और फर्जी कंपनी व कर्मचारी दिखाकर पीएफ का 16 लाख रुपये का गबन किया गया था। केस्को के संविदा कर्मी अजय सिंह ने कर्नलगंज थाने में मुकुल दुबे समेत कई नियोक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में गांधीनगर निवासी मुकुल दुबे को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।

रकम स्थानांतरित कर लाखों रुपये निकाल लिए
आरोप है कि मुकुल ने कर्मचारियों से उनके दस्तावेज लिए व पीएफ खाते से जुड़े बैंक खाता नंबरों को बदलकर अपने परिचितों के बैंक खाते में पीएफ की रकम स्थानांतरित करके लाखों रुपये निकाल लिए। हालांकि मामले में फाइनल रिपोर्ट लग गई थी। लेकिन अब फिर से इस मामले की जांच शुरू हो गई है। एसीपी ने एफआईआर दर्ज कराने वाले अजय सिंह से पूरे मामले की जानकारी ली।

अवनीश के परिवार तक पहुंच सकती है जांच
केस्को संविदा कर्मचारी संगठन के महामंत्री दिनेश सिंह भोले से भी बातचीत की। पुलिस के मुताबिक घोटाला करने वाली फर्मों में एक फर्म में अवनीश दीक्षित के परिवार के एक करीबी भी निदेशक हैं। इसके चलते जांच की आंच अवनीश के परिवार तक पहुंच सकती है । एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर का कहना है कि पीएफ घोटाले की जांच में जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

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