Auraiya: अस्पताल संचालकों को सस्ते व विशेषज्ञ डाक्टरों का झांसा देकर ठगने वाले तीन गिरफ्तार
अस्पताल संचालकों को ठगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी डाॅक्टरों को भेजकर चार लाख ठगने वाला मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।
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औरैया जिले के दिबियापुर में अस्पताल व अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालकों को सस्ते डॉक्टर उपलब्ध कराने का झांसा देकर लाखों की रकम ठगने वाले गिरोह के तीन शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वाराणसी निवासी मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
रविवार को गेल कंप्रेसर स्टेशन कैनाल रोड पर एंटी करप्शन टीम का ईडी एएसपी स्टीकर लगी गाड़ी को पुलिस की उपनिरीक्षक सोनी रावत एवं टीम ने रोका। संदिग्ध होने पर कार सवार तीन युवकों की पड़ताल शुरू की। सीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों युवक मृत चिकित्सकों के फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं अस्पताल संचालकों को झांसा देते हैं।
जिला चंदौली में धीना के गांव बरहनी डिग्धी निवासी धनंजय शर्मा नाम बदल बदलकर एमएस, एमडी व रेडियोलाॅजिस्ट चिकित्सक बनकर लोगों से मिलता है। जिला वाराणसी में चौबेपुर के गांव भवनपुरा निवासी प्रशांत कुमार मिश्रा एक ईडी का अपर पुलिस अधीक्षक स्तर का एंटी करप्शन टीम से फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से मिलता है। जिला गाजीपुर में बहरियाबाद के गांव बबूरा निवासी संजीव कुमार प्रशासनिक फर्जी असिस्टेंट बनकर लोगों से मिलता है।
उन तीनों को वाराणसी जिला में चौबेपुर के गांव मलाह बराई निवासी दीपक कुमार ने फर्जी चिकित्सक बनाकर औरैया एवं इटावा में अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं अस्पताल संचालकों के पास भेजा था। सीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद औरैया व आसपास के जनपदों के अस्पताल संचालकों को अच्छे डाॅक्टर, गायनोकोलोजिस्ट, रेडियोलाॅजिस्ट, सर्जन एवं एमएस, एमडी चिकित्सक की आपूर्ति के लिए वह लोग धोखाधड़ी करने वाला गैंग चलाते हैं।
बरामद कार को सीज कर दिया गया है। इनके पास से कई फर्जी अभिलेख बरामद हुए हैं। दरअसल औरैया एवं इटावा जिले के तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को अच्छे चिकित्सकों की आवश्यकता थी। वाराणसी निवासी दीपक कुमार तीनों सेंटरों के संचालकों के संपर्क में आया था। दीपक ने सस्ते और क्वाॅलीफाइड चिकित्सक देने का वायदा करके तीन चिकित्सकों के बायोडेटा एवं सर्टिफिकेट भेजे थे। तीनों आरोपी अपने फर्जी प्रमाण पत्रों के साथ सीएमओ औरैया कार्यालय पहुंचे थे। यहां पर जांच के दौरान तीनों के फर्जी कागजातों की पोल खुल गई थी। इस बीच आरोपी रफूचक्कर होने में कामयाब रहे थे।
इटावा जिले के कई अस्पतालों को अपना निशाना बना चुके ठग शनिवार को ही पुलिस राडार पर आ गए थे। तीनों आरोपी ठगी का शिकार हुए तीन अल्ट्रासाउंड अस्पताल संचालकों को सीएमओ कार्यालय से चकमा देकर शनिवार को चले गए थे। उमरैन में सत्यवती अल्ट्रासाउंड संचालक इटावा के भर्थना रोड ऊसराहार निवासी नवीन कुमार, इटावा के कुम्हावर रोड स्थित चंद्रा हास्पीटल के संचालक रवी कुमार, इटावा में भर्थना के जवाहर रोड निवासी विपिन कुमार के मानस अल्ट्रासाउंड सेंटरों एवं अस्पतालों के लिए चिकित्सकों की आवश्यकता थी। नवीन, रवी एवं विपिन ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि इसके लिए उनकी दीपक कुमार निवासी ग्राम मलाह बराई, चौबेपुर वाराणसी से बात हुई।
इसके लिए दीपक कुमार ने चार लाख रुपये लिए थे। शनिवार को दीपक ने चिकित्सकों के दस्तावेजों सहित फर्जी व्यक्तियों को भेजा। तीनों अल्ट्रासाउंड संचालक तीनों युवकों मनोज कुमार, प्रशांत कुमार मिश्रा, संजीव कुमार को उनके दस्तावेजों के साथ सीएमओ कार्यालय ले गए थे, लेकिन जांच में पता चला कि तीनों लोग फर्जी दस्तावेज लेकर पहुंचे हैं। आरोपी मौका पाकर भाग गए थे।
तीनों लोगों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए थे। थाना दिबियापुर के सीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीन आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं। चार लाख रुपए ठगने वाले आरोपी की तलाश में दबिशें दी जा रहीं हैं।