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Auraiya: 2.29 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी में चार गिरफ्तार, फर्जी फर्म बनाकर करते थे अपराध, ये सामान हुआ बरामद

Tue, 24 Feb 2026 04:08 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 24 Feb 2026 04:08 PM IST
सार

Auraiya News: औरैया पुलिस ने 2.29 करोड़ के जीएसटी घोटाले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गरीबों के दस्तावेजों पर फर्जी कंपनियां बनाकर अवैध आईटीसी क्लेम के जरिए सरकार को चपत लगा रहा था।

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Auraiya Four arrested for GST evasion of Rs 2.29 crore used to commit crime by creating fake firms
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala

विस्तार

औरैया जिले में फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर सरकार को 2.29 करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लगाने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस को भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। सदर कोतवाली में मंगलवार को एसपी अभिषेक भारती ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि 30 जुलाई 2025 को झारखंड के धनबाद निवासी बापी पर राज्य कर अधिकारी इटावा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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इसमें करीब 2.29 करोड़ रुपये की कर चोरी का आरोप लगाया था। एसपी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी में थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार, अपराध शाखा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र चौहान, उपनिरीक्षक हेमंत चौधरी, अनूप कुमार मार्य शामिल किया गया। इस टीम ने जीएसटी चोरी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जरूरतमंद लोगों को 10 से 15 हजार रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल कर लेते थे।

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दस्तावेज जुटाने का करता था मुख्य काम
इसके बाद फर्जी किरायानामा और बिजली बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर फर्जी फर्में पंजीकृत कराई जाती थीं। इन बोगस फर्मों के जरिए बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के फर्जी बिल जारी किए जाते थे और अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम कर सरकार को करोड़ों की चपत लगाई जा रही थी। अब तक की जांच में करीब 2.29 करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला सामने आया है। गिरफ्तार किए गए श्याम सुंदर पासवान भोले-भाले लोगों को बरगलाकर दस्तावेज जुटाने का मुख्य काम करता था।




ये सामान हुआ बरामद
वहीं, अशोक कुमार पासवान कंप्यूटर पर दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी कंपनियां तैयार करने का एक्सपर्ट है। महावीर शरण उर्फ पहाड़िया बोगस फर्मों के माध्यम से आईटीसी पास-ऑन करने और राजस्व चोरी का मास्टरमाइंड है। विमल कुमार अपने नाम पर फर्जी फर्म बनवाकर कमीशन और आर्थिक लाभ लेता था। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो लैपटॉप, आठ एंड्रॉइड व नौ कीपैड मोबइल फोन, आठ पासबुक, सात डेबिट कार्ड, 12 आधार कार्ड, 11 रजिस्टर बरामद किया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 20 सिम कार्ड और छह हजार रुपये नकद बरामद किए गए।

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