फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   ATS engaged in search of shelter for Rohingyas

Kanpur: रोहिंग्याओं को पनाह देने वालों की तलाश में जुटी एटीएस, बांग्लादेश से आने के बाद कानपुर में रुके दो दिन

Tue, 09 May 2023 04:28 AM IST
Digvijay Singh माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर
माई सिटी रिपोर्टर, कानपुर Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 09 May 2023 04:28 AM IST
सार

एटीएस के रडार पर शहर के आधा दर्जन लोग हैं, जिनकी रोहिंग्या नागरिकों को शहर में ठिकाना मुहैया कराने में अहम भूमिका थी। 

विज्ञापन
ATS engaged in search of shelter for Rohingyas
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : SOCIAL MEDIA

विस्तार

कानपुर के रास्ते जम्मू-कश्मीर जाने से पहले रविवार को झकरकटी बस अड्डे से पकड़े गए म्यांमार के रोहिंग्या नागरिक दो दिन तक कानपुर में रुके थे। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद अब एटीएस अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए इन विदेशी नागरिकों को पनाह देने वालों की तलाश में जुट गई है।

विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि एटीएस के रडार पर शहर के आधा दर्जन लोग हैं, जिनकी रोहिंग्या नागरिकों को शहर में ठिकाना मुहैया कराने में अहम भूमिका थी। जांच एजेंसी उन्हें चिह्नित कर साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही उन ठिकानों की भी पुष्टि करने में जुटी है, जहां रोहिंग्या नागरिक खुद के रुकने की बात बता रहे हैं। चूंकि पकड़े गए नागरिकों को उन ठिकानों की सही लोकेशन नहीं पता है, ऐसे में एटीएस अब उन इलाकों की मुखबिर तंत्र के जरिये पड़ताल में जुटी है। माना जा रहा है कि मामले में जल्द ही गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

विज्ञापन

 


रोहिंग्या बहाना, मददगारों का नेटवर्क निशाना
जांच एजेंसी के निशाने पर रोहिंग्या नागरिकों से ज्यादा वह रूट और वह लोग हैं जिनकी बदौलत अवैध रूप से लोग देश में घुसपैठ कर रहे हैं। यही वजह है कि इस मामले में केंद्र की कई एजेंसियों के अधिकारी भी जुट गए हैं। आईबी और एनआईए भी उस रास्ते और नेटवर्क की परतें उधेड़ने में जुट गई है जो इन लोगों को बांग्लादेश से त्रिपुरा के रास्ते कानपुर तक लाया और यहां से कश्मीर ले जाने वाला था। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बात का खतरा ज्यादा है कि इसी रूट और नेटवर्क का सहारा लेकर आतंकी देश में घुस सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

स्लीपर सेल का काम कर सकते हैं अवैध नागरिक

कहने को रोहिंग्या नागरिक अपने देश में सताए गए हैं। बचने के लिए पैसा खर्च कर अवैध रूप से भारत में पनाह लेने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन जांच एजेंसियों को इस बात का खतरा ज्यादा सता रहा है कि ये सभी स्लीपर सेल का काम न करने लगें। जो नेटवर्क उन्हें मदद कर रहा है, वह कभी भी उनसे कोई आतंकी वारदात करा दे तो सरकारी मशीनरी के पास ऐसे अवैध लोगों का ब्योरा ही नहीं होगा। यही वजह है कि हर अवैध नागरिक को चिह्नित कर पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed