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संस्थागत प्रसव बढ़ाने के साथ समय से टीकाकरण पर ध्यान दें आशा : एसीएमओ
Sat, 06 Dec 2025 01:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 06 Dec 2025 01:22 AM IST
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झींझक। आशा कार्यकर्ता संस्थागत प्रसव कराए तथा समय से टीकाकरण कराने के लिए नियमित भृमण करें। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। ये बातें शुक्रवार को झींझक सीएचसी के मेटरनिटी विंग में आशा कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक में एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि सभी आशा कार्यकर्ता अपने अपने कार्यक्षेत्र में भृमण कर गर्भवतियों का डेटा तैयार रखें और उनका समय से टीकाकरण कराएं। उन्होंने बताया कि लोगों को यह भी जानकारी दी जाए कि संस्थागत प्रसव सुरक्षित है, जबकि घरेलू प्रसव से गर्भवती को समस्या हो सकती है। एसीएमओ ने कहा कि 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक ब्लाॅक के सभी आरोग्य मंदिरों में कैम्प चल रहा। इसमें आशा कार्यकर्ता अधिक से अधिक आभा आईडी व गोल्डन कार्ड बनवाएं। इसके साथ ही 14 दिसंबर से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान का प्रशिक्षण दिया गया। यहां अधीक्षक झींझक सीएचसी डाॅ. पीयूष त्रिपाठी, ब्लाॅक कार्यक्रम प्रबंधक उमेश कुमार, दिग्विजय सिंह, यूनिसेफ के अमर सिंह आदि शामिल रहे।
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फोटो-26- सीएचसी में आशा व संगनियों के साथ बैठक करते अधीक्षक डाॅ. अशोक कुमार। संवाद
आशा व संगनी मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए बेहतर - सीएचसी अधीक्षक
डेरापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभागार में शुक्रवार को चिकित्साधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने आशा व संगनियों के साथ बैठक की। सुरक्षित मातृत्व और परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व व स्वस्थ परिवार के लिए परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। छोटी उम्र में गर्भधारण, बार-बार गर्भधारण तथा असुरक्षित प्रसव से महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आशा व संगनियां घर-घर जाकर महिलाओं को स्थाई व अस्थायी दोनों प्रकार के परिवार नियोजन साधनों की जानकारी दें और उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा परिवार नियोजन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आशा शशि के प्रयास से इस चरण में दो पुरुषों ने परिवार नियोजन के तहत ऑपरेशन करवाया है। बैठक में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से अभियान को तेज करने और लक्ष्य समय से पूरा करने की बात कही। (संवाद)
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उन्होंने कहा कि सभी आशा कार्यकर्ता अपने अपने कार्यक्षेत्र में भृमण कर गर्भवतियों का डेटा तैयार रखें और उनका समय से टीकाकरण कराएं। उन्होंने बताया कि लोगों को यह भी जानकारी दी जाए कि संस्थागत प्रसव सुरक्षित है, जबकि घरेलू प्रसव से गर्भवती को समस्या हो सकती है। एसीएमओ ने कहा कि 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक ब्लाॅक के सभी आरोग्य मंदिरों में कैम्प चल रहा। इसमें आशा कार्यकर्ता अधिक से अधिक आभा आईडी व गोल्डन कार्ड बनवाएं। इसके साथ ही 14 दिसंबर से शुरू हो रहे पल्स पोलियो अभियान का प्रशिक्षण दिया गया। यहां अधीक्षक झींझक सीएचसी डाॅ. पीयूष त्रिपाठी, ब्लाॅक कार्यक्रम प्रबंधक उमेश कुमार, दिग्विजय सिंह, यूनिसेफ के अमर सिंह आदि शामिल रहे।
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फोटो-26- सीएचसी में आशा व संगनियों के साथ बैठक करते अधीक्षक डाॅ. अशोक कुमार। संवाद
आशा व संगनी मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए बेहतर - सीएचसी अधीक्षक
डेरापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभागार में शुक्रवार को चिकित्साधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने आशा व संगनियों के साथ बैठक की। सुरक्षित मातृत्व और परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व व स्वस्थ परिवार के लिए परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। छोटी उम्र में गर्भधारण, बार-बार गर्भधारण तथा असुरक्षित प्रसव से महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आशा व संगनियां घर-घर जाकर महिलाओं को स्थाई व अस्थायी दोनों प्रकार के परिवार नियोजन साधनों की जानकारी दें और उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा परिवार नियोजन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आशा शशि के प्रयास से इस चरण में दो पुरुषों ने परिवार नियोजन के तहत ऑपरेशन करवाया है। बैठक में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से अभियान को तेज करने और लक्ष्य समय से पूरा करने की बात कही। (संवाद)
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