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मैटरनिटी विंग से दो गर्भवतियों को आशा ले गईं निजी चिकित्सालय
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रसूलाबाद। सीएचसी परिसर स्थित मैटरनिटी विंग गर्भवती व नवजात के लिए रेफर सेंटर बना है। सोमवार को मैटरनिटी विंग से जिला अस्पताल रेफर की गई दो गर्भवती महिलाओं को आशा कार्यकर्ता निजी अस्पताल ले गई। वहां दोनों का सामान्य प्रसव हुआ।
सरकारी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी के प्रति संजीदा नहीं हैं। रसूलाबाद के मैटरनिटी विंग में तैनात स्टाफ नर्सों की उदासीनता से प्रसव के लिए भर्ती होने वाली अधिकांश गर्भवती को ऑपरेशन की जरूरत बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
इसका फायदा कस्बे में संचालित निजी अस्पताल उठाते हैं। इसमें उनका सहयोग आशा कार्यकर्ता भी कर रही हैं। नार खुर्द निवासी शिवम ने पत्नी नेहा मिश्रा (23) को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर मैटरनिटी विंग में भर्ती किया।
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वहां ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने गर्भवती के परिजनों को ऑपरेशन की जरूरत बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस पर गांव की आशा बहू गर्भवती को रसूलाबाद कस्बे के निजी अस्पताल में ले गई। वहां सामान्य प्रसव से नेहा ने बेटी को जन्म दिया।
इसी प्रकार कोहावा निवासी यूनुस ने पत्नी रुखसाना (26) को प्रसव के लिए मैटरनिटी विंग में भर्ती किया। उससे भी स्टाफ नर्स ने ऑपरेशन की बात कही और जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रुखसाना को भी आशा बहू कस्बे के निजी अस्पताल में ले गई। वहां सामान्य प्रसव हुआ।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि मैटरनिटी विंग में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में स्टाफ नर्सें गर्भवती के स्वास्थ्य के साथ कोई खतरा नहीं लेना चाहती हैं।
आशा कार्यकर्ता गर्भवती को निजी अस्पताल ले गई हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होगी।
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सरकारी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी के प्रति संजीदा नहीं हैं। रसूलाबाद के मैटरनिटी विंग में तैनात स्टाफ नर्सों की उदासीनता से प्रसव के लिए भर्ती होने वाली अधिकांश गर्भवती को ऑपरेशन की जरूरत बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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इसका फायदा कस्बे में संचालित निजी अस्पताल उठाते हैं। इसमें उनका सहयोग आशा कार्यकर्ता भी कर रही हैं। नार खुर्द निवासी शिवम ने पत्नी नेहा मिश्रा (23) को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर मैटरनिटी विंग में भर्ती किया।
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वहां ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने गर्भवती के परिजनों को ऑपरेशन की जरूरत बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस पर गांव की आशा बहू गर्भवती को रसूलाबाद कस्बे के निजी अस्पताल में ले गई। वहां सामान्य प्रसव से नेहा ने बेटी को जन्म दिया।
इसी प्रकार कोहावा निवासी यूनुस ने पत्नी रुखसाना (26) को प्रसव के लिए मैटरनिटी विंग में भर्ती किया। उससे भी स्टाफ नर्स ने ऑपरेशन की बात कही और जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रुखसाना को भी आशा बहू कस्बे के निजी अस्पताल में ले गई। वहां सामान्य प्रसव हुआ।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि मैटरनिटी विंग में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में स्टाफ नर्सें गर्भवती के स्वास्थ्य के साथ कोई खतरा नहीं लेना चाहती हैं।
आशा कार्यकर्ता गर्भवती को निजी अस्पताल ले गई हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होगी।