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Kanpur News: जब तक सूरज-चांद रहेगा, सूरज तेरा नाम रहेगा ...
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शहीद सूरज यादव ।
- फोटो : शहीद सूरज यादव ।
चकरगनर (इटावा)। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के करनाह सेक्टर में कानवाई के दौरान टीटवाल की ओर जाते वक्त मंगलवार को वाहन गहरी खाई में गिर गया। हादसे में शहीद हुए इटावा के जवान हवलदार सूरज का शव शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। आठ साल के बेटे विजय प्रताप उर्फ अज्जू ने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पत्नी नीलम ने सैल्यूट कर शहीद को अंतिम विदाई दी। यह देख वहां मौजूद हर एक व्यक्ति की आंख नम हो गई। राजकीय सम्मान के साथ शुक्रवार को शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने सलामी दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा। हाथ में तिरंगा लिए हर कोई भारत माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा... के नारे लगा रहा था। बच्चों और महिलाओं ने छतों पर चढ़कर शव के अंतिम दर्शन किए।
सुबह करीब छह बजे इटावा से सेना के जवान शहीद सूरज के शव को लेकर बकेवर पहुंचे। यहां हजारों की संख्या में लोग हाथ में तिरंगा लिए खड़े थे। यहां से लखना सिंड़ौस मार्ग से फूप चौरेला मार्ग होते हुए गांव प्रेमकापुरा तक बाइक, कार, टेंपो से शहीद के अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। व्यापारियों ने शहीद के सम्मान में चकरनगर व हनुमंतपुरा बाजार बंद रखा। शहीद की
तिरंगे में लिपटे शहीद सूरज का शव जैसे ही घर पहुंचा मां फूलनश्री और पत्नी नीलम बिलख पड़ी। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार की महिलाओं ने इन दोनों को हिम्मत बंधाई, लेकिन जिसका लाल और जीवन साथी चला जाए उसे भला कौन संभाल सकता था। सूरज सिंह की शादी वर्ष 2009 में अकोड़ा निवासी नीलम के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी 12 साल की शीतल और आठ साल का बेटा विजय प्रताप उर्फ अज्जू है। दो भाइयों में बड़े भाई भारत सिंह शिक्षा मित्र, छोटा कुलदीप यादव है।
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शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए एएसपी ग्रामीण सत्यपाल सिंह, एसडीएम चकरनगर ब्रह्मानंद कठेरिया, तहसीलदार विष्णु दत्त मिश्र, सीओ नागेंद्र राव चौबे, सीओ प्रेम कुमार थापा, भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम, जिलाध्यक्ष सपा प्रदीप उर्फ बबलू शाक्य, पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवकिशोर यादव, महिपाल सिंह यादव समेत कई जनप्रतिनिधि व संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
परिजन भारत सिंह व धर्मेंद्र यादव ने भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम से शहीद पेट्रोल पंप, स्मृति द्वार, शहीद के नाम से सड़क, गांव में स्वास्थ्य केंद्र का नाम शहीद के नाम से रखा जाए की मांग की। विधायक ने एक सप्ताह के अंदर गेट बनवाने की घोषणा की।
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सुबह करीब छह बजे इटावा से सेना के जवान शहीद सूरज के शव को लेकर बकेवर पहुंचे। यहां हजारों की संख्या में लोग हाथ में तिरंगा लिए खड़े थे। यहां से लखना सिंड़ौस मार्ग से फूप चौरेला मार्ग होते हुए गांव प्रेमकापुरा तक बाइक, कार, टेंपो से शहीद के अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। व्यापारियों ने शहीद के सम्मान में चकरनगर व हनुमंतपुरा बाजार बंद रखा। शहीद की
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तिरंगे में लिपटे शहीद सूरज का शव जैसे ही घर पहुंचा मां फूलनश्री और पत्नी नीलम बिलख पड़ी। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार की महिलाओं ने इन दोनों को हिम्मत बंधाई, लेकिन जिसका लाल और जीवन साथी चला जाए उसे भला कौन संभाल सकता था। सूरज सिंह की शादी वर्ष 2009 में अकोड़ा निवासी नीलम के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी 12 साल की शीतल और आठ साल का बेटा विजय प्रताप उर्फ अज्जू है। दो भाइयों में बड़े भाई भारत सिंह शिक्षा मित्र, छोटा कुलदीप यादव है।
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शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए एएसपी ग्रामीण सत्यपाल सिंह, एसडीएम चकरनगर ब्रह्मानंद कठेरिया, तहसीलदार विष्णु दत्त मिश्र, सीओ नागेंद्र राव चौबे, सीओ प्रेम कुमार थापा, भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम, जिलाध्यक्ष सपा प्रदीप उर्फ बबलू शाक्य, पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवकिशोर यादव, महिपाल सिंह यादव समेत कई जनप्रतिनिधि व संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
परिजन भारत सिंह व धर्मेंद्र यादव ने भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम से शहीद पेट्रोल पंप, स्मृति द्वार, शहीद के नाम से सड़क, गांव में स्वास्थ्य केंद्र का नाम शहीद के नाम से रखा जाए की मांग की। विधायक ने एक सप्ताह के अंदर गेट बनवाने की घोषणा की।