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AR Tower-Masood Complex: गिराए जा रहे जर्जर टॉवर्स...हर आंख थी नम, व्यापारी बोले- फिर जीरो से हो रही है शुरूआत

Tue, 18 Jul 2023 01:44 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 18 Jul 2023 01:44 PM IST
सार

Kanpur Fire Case: 30 मार्च की रात लगी आग में दोनों टॉवर जर्जर हो चुके हैं। इन्हें गिराकर दोबारा निर्माण होना है। व्यापारियों ने टॉवरों को गिराए जाने से पहले गणेश-लक्ष्मी का पूजन किया। साथ ही इनके जल्द बनने की प्रार्थना भी की।

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AR Tower and Masood Complex, dilapidated towers being demolished, Every eye was moist
व्यापारियों ने किया गणेश-लक्ष्मी का पूजन किया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में बांसमंडी स्थित जिन मसूद कॉम्प्लेक्स और एआर टॉवर से सालाना करीब 300 करोड़ रुपये का कपड़े का कारोबार होता था, उन्हें सोमवार से गिराया जाने लगा है। शुरुआत में इन दोनों टॉवरों से सालाना करीब 25 से 30 लाख का कारोबार होता था। दरअसल, 30 मार्च की रात लगी आग में दोनों टॉवर जर्जर हो चुके हैं।

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इन्हें गिराकर दोबारा निर्माण होना है। व्यापारियों ने टॉवरों को गिराए जाने से पहले गणेश-लक्ष्मी का पूजन किया। साथ ही इनके जल्द बनने की प्रार्थना भी की। अभी 10 मजदूर लगाए गए हैं, जिन्होंने टॉवरों को गिराने के लिए हथौड़े से चिह्न बनाए हैं। दोनों टॉवरों के बाहर बैरिकेडिंग भी कर दी गई है।
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जल्द ही मशीनों से टॉवरों को गिराने का काम शुरू होगा। ज्ञानेश मिश्र और सरदार गुरुजिंदर सिंह ने बताया कि टीएसटी इंटरप्राइजेज को काम दिया गया है। इस मौके पर विजय गुप्ता, राजेश आहूजा, हरीश रामचंदानी, बीपी रस्तोगी, महेश गंगवानी, जवाहरलाल नारवानी, नितिन टेकवानी, मनीष वसंदानी आदि थे।

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दीवारों पर नहीं दिल पर लग रहे हथौड़े
1995 में मसूद कॉम्प्लेक्स में दुकान खरीदकर परिवार के साथ काम शुरू करने वाले खेमचंद दुसेजा कहते हैं कि ये हथौड़े दीवारों पर नहीं दिल पर लग रहे हैं। पहले दुकानों के मालिक थे, अब अब किराये पर काम कर रहे हैं। मसूद और एआर टॉवर में उनकी आठ दुकानें थीं।

नई इमारत बनेगी और फिर से शुरू होगा काम
अब उम्मीद है कि नई इमारत बनेगी और फिर से अपनी दुकानों में काम शुरू करेंगे। खेमचंद बताते हैं कि रेडीमेड, होजरी कपड़ों का बाजार तलाशने के लिए अटैची में सैंपल कपड़े लेकर चेन्नई, हैदराबाद, गुवाहाटी, ओडिशा तक जाते थे। दो लाख की पूंजी से कारोबार की शुरुआत की थी।

एक-एक सीढ़ी चढ़कर आगे बढ़े थे। एआर टॉवर में चार दुकानें अग्निकांड में जल गईं। तीन पीढ़ी एक साथ कारोबार संभाल रहीं थीं। अब कारोबार चलता रहे, इसलिए किराये पर दुकानें लेकर व्यापार कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह खराब दौर भी जल्द निकल जाएगा।  -दिलीप दुसेजा, अध्यक्ष, एआर टॉवर मर्चेंट एसोसिएशन

2006 में मसूद में किराये पर दुकान लेकर काम शुरू किया था। काम चलने लगा तो 2009 में दुकान खरीद ली। इसके बांद नवंबर 2022 में एक और दुकान खरीद ली। बेटे के साथ कारोबार देख रहे थे। कर्जा लेकर कभी काम शुरू किया था। अब फिर से जीरो से शुरूआत की जा रही है।  -भूपेंद्र सिंह, महामंत्री, मसूद कॉम्प्लेक्स मर्चेंट एसोसिएशन

बढ़ता गया कारोबार
मसूद कॉम्प्लेक्स में 160 दुकानें हैं। मौजूदा समय में इसका टर्नओवर करीब दो सौ करोड़ के करीब है। शुरुआत में 10-20 लाख का टर्नओवर हुआ करता था। इसके अलावा साल 2000 में बने एआर टॉवर में 108 दुकानें हैं। यहां की दुकानों का टर्नओवर पांच से सात लाख रुपये था। अब सौ करोड़ के करीब है।

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