आतंकवाद विरोधी दिवस पर याद किए गए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, फूंका गया आतंकियों का पुतला
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डीएम ने अधीनस्थों को शपथ दिलाई। उन्होंने शपथ दिलाते हुए समाज के सभी वर्गों में आतंकवाद व हिंसा के खतरों का सामूहिक रूप से देश पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया। कहा कि आतंकवाद आज के समय में पूरे विश्व में सबसे बड़ी समस्या है। इससे निपटने के लिए भारत में 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है।
आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनके बलिदान दिवस की स्मृति के आतंकवाद विरोधी दिवस पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज युवाओं को ऐसी शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना होगा ताकि वे आतंकी गुटों में शामिल न हो।
वह देश के विकास में भागीदार बने। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अरुण कुमार राय समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। विकासभवन सभागार में सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने अधिकारियों व कर्मचारियों को शपथ दिलाई। यहां पर डीडीओ आरयू द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य अधिकारियों ने आतंकवाद व हिंसा का डटकर सामना करने की शपथ ली। सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने कर्मचारियों को शपथ दिलाई कि वह देश की अहिंसा व सहनशीलता की परंपर को आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान डा. एके रावत, डा. आरके गौतम, डा. तन्मय कक्कड़, डा. नरेंद्र सिंह, डा. अर्जुन सिंह सारंग, डा. जेआर सिंह, डा. आरएस मिश्रा, लाल बहादुर यादव भी मौजूद रहे।