Sikh Riots: गुरुद्वारे में हमला कर हत्या करने वाले को जमानत नहीं, अन्य तीन आरोपियों की अर्जी पर सुनवाई बाकी
कानपुर में वर्ष 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। इस दौरान गुरुद्वारे में हमला कर हत्या करने वाले की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है।
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कानपुर के सिख विरोधी दंगे में आरोपी सिद्ध गृहस्थी नाम से किदवई नगर में दुकान चलाने वाले सिद्धगोपाल गुप्ता उर्फ बब्बू की जमानत अर्जी अपर जिला जज 17 विकास गोयल ने खारिज कर दी है। सिद्धगोपाल वर्तमान में रंजीत नगर में रहते हैं।
एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि किदवई नगर के ब्लॉक निवासी पुरुषोत्तम घर पर नामदेव जी का गुरुद्वारा चलाते थे। एक नवंबर 1984 को दंगाइयों ने उनके घर पर हमला बोल दिया था। इसमें उनके पिता की हत्या कर दी गई थी और बेटे सर्वजीत सिंह की पत्नी को जला दिया था।
पुरुषोत्तम के साथ गुरुद्वारे में पाठ करने आए लोगों से भी मारपीट की थी। सभी बुरी तरह घायल हो गए थे जिन्हें उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुरुषोत्तम ने नौ नवंबर को उर्सला से डिस्चार्ज होने के बाद 10 नवंबर को 10 नामजद और 40 अज्ञात के खिलाफ नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी मामले में आरोपी सिद्धगोपाल ने कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया है। वहीं, तीन अन्य आरोपियों धीरेंद्र तिवारी, रज्जन लाल पांडे और दीपक की जमानत अर्जियों पर सुनवाई होनी है। बता दें कि जल्द ही इन आरोपियों की सुनवाई हो सकती है।
छह आरोपियों की जमानत अर्जियां भी हो चुकी हैं खारिज
बता दें कि सिख विरोधी दंगे के आरोपी यू ब्लॉक निराला नगर निवासी 65 वर्षीय मुस्तकीम व घाटमपुर के ग्राम रामसारी निवासी 61 वर्षीय अमर सिंह उर्फ भूरा की जमानत अर्जी अपर जिला जज 17 विकास गोयल ने खारिज हो चुकी है।
एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि दोनों को 19 जून को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोपों को झूठा बताते हुए उम्र के आधार पर दोनों ने जमानत स्वीकार करने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दी। चार आरोपियों की अर्जियां पहले ही खारिज हो चुकी हैं।