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बुंदेलखंड के लिए सांसदों के संशोधन प्रस्ताव, राष्ट्रपति अभिभाषण में शामिल नहीं किए गए मुद्दे
Mon, 03 Feb 2020 08:35 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 03 Feb 2020 08:35 PM IST
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राष्ट्रपति अभिभाषण
- फोटो : अमर उजाला
बांदा में बजट के पूर्व संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण में बुंदेलखंड के कई ज्वलंत मुद्दों को शामिल न किए जाने पर राज्यसभा में सांसदों ने खेद जताते हुए धन्यवाद प्रस्ताव में संशोधन की मांग की है। राज्यसभा महासचिव ने इन प्रस्तावों को सूचीबद्ध किया है।
राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद (बांदा) सहित छाया वर्मा और चौधरी सुखराम सिंह यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में कुल 133 संशोधन प्रस्तावित किए हैं। खेद जताया है कि अभिभाषण में इन्हें शामिल नहीं किया गया।
सांसदों ने अपने प्रस्ताव अभिभाषण में जोड़ने की मांग की है। कहा है कि अभिभाषण में केन-बेतवा नदी गठजोड़ परियोजना का उल्लेख नहीं है। बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा और मध्य प्रदेश के सतना क्षेत्र में केंद्रीय पुलिस बल ट्रेनिंग सेंटर बुंदेलखंड में पलायन रोकने को लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना, चित्रकूट, महोबा, चरखारी और कालिंजर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटक मानचित्र में जोड़ने, चित्रकूट हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू करने, बुंदेलखंड में सूखा पीड़ित किसानों से कर्ज वसूली समाप्त कर कर्ज माफ करने और खाद, बिजली, पानी मुफ्त देने, बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने आदि का उल्लेख न होने पर खेद जताते हुए इन प्रस्तावों को जोड़ने की मांग की है।
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राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद (बांदा) सहित छाया वर्मा और चौधरी सुखराम सिंह यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में कुल 133 संशोधन प्रस्तावित किए हैं। खेद जताया है कि अभिभाषण में इन्हें शामिल नहीं किया गया।
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सांसदों ने अपने प्रस्ताव अभिभाषण में जोड़ने की मांग की है। कहा है कि अभिभाषण में केन-बेतवा नदी गठजोड़ परियोजना का उल्लेख नहीं है। बुंदेलखंड के चित्रकूट, बांदा और मध्य प्रदेश के सतना क्षेत्र में केंद्रीय पुलिस बल ट्रेनिंग सेंटर बुंदेलखंड में पलायन रोकने को लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना, चित्रकूट, महोबा, चरखारी और कालिंजर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटक मानचित्र में जोड़ने, चित्रकूट हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू करने, बुंदेलखंड में सूखा पीड़ित किसानों से कर्ज वसूली समाप्त कर कर्ज माफ करने और खाद, बिजली, पानी मुफ्त देने, बुंदेलखंड को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने आदि का उल्लेख न होने पर खेद जताते हुए इन प्रस्तावों को जोड़ने की मांग की है।
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