सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों परिवार के साथ नए साल पर छुट्टियां मना रहे हैं। ट्विटर पर पत्नी डिंपल और बच्चों के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए अखिलेश ने नए साल की बधाईयां देते हुए सियासत की साजिश पर एक बार फिर उंगली उठा दी है।
... अब नयी इबारत लिखनी है : अखिलेश यादव
माना वतन में मुश्किल हालात रहे, सियासत की साज़िश से इंसानी रिश्ते तार-तार रहे....पर जो बीत गया सो बीत गया... अब नयी इबारत लिखनी है, जिससे अब इस नये साल में अमन-चैन और प्यार रहे... और हर किसी का दामन ख़ुशियों से आबाद रहे. नये साल की अनंत शुभकामनाएँ!!!
माना वतन में मुश्किल हालात रहे, सियासत की साज़िश से इंसानी रिश्ते तार-तार रहे....पर जो बीत गया सो बीत गया... अब नयी इबारत लिखनी है, जिससे अब इस नये साल में अमन-चैन और प्यार रहे... और हर किसी का दामन ख़ुशियों से आबाद रहे. नये साल की अनंत शुभकामनाएँ!!! pic.twitter.com/g27vZKijtx
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 31, 2017
जब ख़ुद ही हुए कोतवाल तो डर काहे का.....
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 27, 2017
जब ख़ुद ही हुए कोतवाल तो डर काहे का.
अच्छी विदेश नीति अच्छे सम्बन्ध बनाती है, ख़ास तौर से पड़ोसी देशों से, लेकिन वर्तमान सरकार की विदेशी नीति चौतरफ़ा टकराव को जन्म दे रही है. शांति, सहयोग और सह अस्तित्व के सिद्धांत के बिना विकास संभव नहीं होता शायद इसीलिए भाजपा सरकार विकास के मुद्दे पर लगातार असफल होती दिख रही है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 27, 2017