UP: कथावाचक के साथ हुई घटना पर अखिलेश बोले- किस ग्रंथ में लिखा कि पीडीए का विद्वान कथा नहीं कह सकता
Farrukhabad News: इटावा में गैर ब्राह्मण कथावाचक के साथ हुई घटना पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि किस ग्रंथ में लिखा कि पीडीए का विद्वान कथा नहीं कह सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा में गैर ब्राह्मण कथावाचक के साथ हुई घटना निंदनीय है। कथावाचक का सिर घुटावाया, चोटी काटी गई फिर पेशाब से शुद्ध करके अपमान किया। किस ग्रंथ में लिखा है कि पीडीए का विद्वान कथा नहीं कह सकता। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा अब भाजपा कुछ लोगों से घिनौनी बातें कहलवा रही है। दलितों पर अत्याचार सपा सरकार में ही रुकेगा। बताया उन्होंने ग्वालियर से लिपुलेक तक आठ लेन का रोड मांगा। चार लेन का भरोसा दिया गया, मगर बनाया टू-लेन गया। उनकी सरकार बनने पर गंगा पर आठ लेन पुल का निर्माण कराने का आश्वासन दिया।
पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव की तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार चरम पर है। बोले इटवा की घटना जिन परिवारों के साथ हुई, उनका दर्द समझो। कौन सा ग्रंथ कहता है कि पिछड़े, दलित कथा नहीं कह सकते। श्रीकृष्ण तो पिछड़ों के ही भगवान हैं। वह दुनिया भर में पूजे जाते हैं। भाजपा को यही तकलीफ है। भगवान राम व हनुमान की जाति किसने बताई।
अब निष्पक्ष भर्ती होने पर बोले, भाजपा सरकार भर्ती मेंं पीडीए समाज की सूची जारी करे। हमने बिना परीक्षा, मैरिट के आधार पर भर्ती की। एक व्यक्ति ले आएं जो पैसे देने की बात कहे। अन्यथा योगी जी को सनातन धर्म छोड़ देना चाहिए। सनातन धर्म मानने वाले झूठ नहीं बोल सकते, मगर भाजपाई एक परिवार को झूठ सिखा रहे हैं।
भाजपा कार्यकर्ता शिवम दुबे ने प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह को ज्ञापन दिया। उन्होंने मांग की कि इटावा में हुए कथावाचक कांड की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद से कुछ राजनीतिक ठेकेदार सोशल मीडिया पर सवर्ण समाज को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।