फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   The Ganga will flow through its old channel again; dredging up to five meters is likely.

Farrukhabad News: पुरानी धारा में फिर बहेगी गंगा, पांच मीटर तक ड्रेजिंग की संभावना

Tue, 08 Sep 2026 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
The Ganga will flow through its old channel again; dredging up to five meters is likely.
फर्रुखाबाद/शमसाबाद। बाढ़ की विभीषिका से 200 गांवों को निजात दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए गंगा को फिर पुरानी धारा में मोड़ने की तैयारी है। सोमवार को सिंचाई विभाग के कानपुर कार्यशाला स्थापन खंड की दो सदस्यीय टीम ने जिले में पहुंचकर गंगा का ड्रोन सर्वे किया। एक सप्ताह में सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विज्ञापन


गंगा की बाढ़ से हर वर्ष हजारों बीघा फसलें बर्बाद होने के साथ ग्रामीण बेघर हो जाते हैं। इस वर्ष भी करीब 150 ग्रामीणों के आशियाने गंगा की धार में समा चुके हैं। तीन सितंबर को पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुनकर उन्हें राहत सामग्री भी वितरित की थी। इस दौरान मंच से सांसद व विधायकों ने बाढ़ की विभीषिका से निजात के लिए मुख्यमंत्री से गंगा की ड्रेजिंग कराने और पांचाल घाट से बदायूं व कासगंज सीमा तक गंगा किनारे तटबंध बनवाने की मांग की थी।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने तटबंध और ड्रेजिंग कराने की घोषणा की थी। हालांकि, ड्रेजिंग के लिए सिंचाई विभाग से पहले ही कानपुर कार्यशाला स्थापन खंड को पत्र भेजा गया था। मुख्यमंत्री के फरमान के बाद यह कार्य जल्द परवान चढ़ते दिखने लगा है। कानपुर की टीम ने गंगा का सर्वे शुरू कर दिया है। ग्राम पंचायत बांसखेड़ा के प्रधान जुबेर खान ने अपने गांव पैलानी दक्षिण में व ग्राम पंचायत कटरी तौफीक के प्रधान गोपीनाथ ने अपने गांवों के पास गंगा का सर्वे कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले दिन 3.5 किमी गंगा का किया गया सर्वे
कानपुर की दो सदस्यीय टीम शमसाबाद क्षेत्र में ढाईघाट के निकट बाढ़ प्रभावित गांव अचानकपुर पहुंची। अवर अभियंता कमल कुमार व राजेश सिंह ने अचानकपुर से ऊगरपुर तक ड्रोन से गंगा का सर्वे किया। करीब 3.5 किमी के सर्वे में पैलानी दक्षिण व कटरी तौफीक में बाढ़ की स्थिति को कैमरे में कैद किया। सहायक अभियंता राजकुमार के नेतृत्व में ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है।
टीम के अधिकारियों ने बताया कि गंगा की धारा कटान करते-करते गांव तक पहुंच गई है। पहले पुरानी धारा गांव से करीब तीन किमी दूर थी। इससे गंगा की धारा को मोड़कर फिर पुरानी धारा में बहाने की तैयारी है। इसके लिए धारा की गहराई के अलावा तीन से पांच मीटर तक गहराई में ड्रेजिंग होने का अनुमान है।
एक सप्ताह में सर्वे होगा पूरा, दिसंबर से शुरू होगी ड्रेजिंग
टीम के अवर अभियंता कमल कुमार ने बताया कि एक सप्ताह में पांचाल घाट तक सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। गंगा का जलस्तर घटने के बाद बाथिमेट्रिक सर्वे (जल सर्वेक्षण) होगा। इसमें गंगा का पाथ तय होगा। दिसंबर के बाद ड्रेजिंग का काम शुरू होने की उम्मीद है। पुरानी धारा में गंगा का प्रवाह होने से गांवों की धारा से दूरी काफी बढ़ जाएगी। ड्रेजिंग होने से पानी का फैलाव घटेगा और गांवों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचेगा।
यह है बाथिमेट्रिक
पानी के नीचे की सतह जैसे समुद्र, नदी, झील या तालाब के तल की गहराई और उसके आकार को मापने और उसका नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया है। सरल शब्दों में, जिस तरह जमीन पर पहाड़ों और घाटियों को नापने के लिए टोपोग्राफिक सर्वे होता है, उसी तरह पानी के नीचे की जमीन की बनावट को जानने के लिए बाथिमेट्रिक सर्वे किया जाता है।


एक टीम और आएगी, पहले होगी डीएम के साथ बैठक
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि मंगलवार को एक और सर्वे टीम आएगी। पहले जिलाधिकारी के साथ टीम बैठक कर कार्य की रूपरेखा तय करेगी। इसके बाद गंगा का ड्रोन से सर्वे किया जाएगा। सर्वे पूरा होने और जलस्तर घटने के बाद ही ड्रेजिंग का काम कराया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed