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Farrukhabad News: दिव्यांगता की नहीं लग सकी रिपोर्ट, हड्डी के मरीज भी बैरंग लौटे
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक आर्थो सर्जन ने नौकरी छोड़ दी, जबकि दूसरे अवकाश पर चले गए। इससे सोमवार को 200 से अधिक हड्डी रोगियों और 35 से अधिक दिव्यांगों को इलाज नहीं मिल सका।
संविदा पर तैनात आर्थो सर्जन आयुष्मान सिंह ने अस्पताल छोड़ दिया था। इसके बाद एकमात्र आर्थो सर्जन ऋषिकांत वर्मा ही बचे थे। सोमवार को ऋषिकांत वर्मा भी अचानक अवकाश पर चले गए। इस कारण ओपीडी में आए हड्डी रोगियों को इलाज नहीं मिला। दिव्यांग बोर्ड में आए दिव्यांगों के प्रमाण पत्रों पर भी रिपोर्ट नहीं लग पाई। दूरदराज से आए दिव्यांगजन बिना काम हुए घर लौटने को मजबूर हुए। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में कुल 1077 मरीज पहुंचे थे। इनमें से 200 से अधिक हड्डी के मरीज थे। दिव्यांग बोर्ड में 35 से अधिक दिव्यांगजन आए थे।
ईएनटी सर्जन के लिए भी लंबा इंतजार
अस्पताल में ईएनटी सर्जन नवनीत कुमार तीन दिन बाद सोमवार को पहुंचे। उनके कमरे में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। ईएनटी सर्जन दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद ही दिव्यांग बोर्ड की सीट पर पहुंच सके। सुबह आठ बजे से इंतजार कर रहे दिव्यांगों को कई घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी।
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लोहिया अस्पताल के सीएमएस जगमोहन शर्मा ने डॉक्टरों की कमी को समस्या बताया। उन्होंने कहा कि एक आर्थो सर्जन ने नौकरी छोड़ दी है। दूसरे अचानक बीमार होने के कारण अस्पताल नहीं आ सके। दिव्यांग बोर्ड में आए लोगों की रिपोर्ट मंगलवार को लगा दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि ईएनटी सर्जन कोर्ट में गवाही और पोस्टमार्टम ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे रोजाना ओपीडी में नहीं बैठ पाते।
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संविदा पर तैनात आर्थो सर्जन आयुष्मान सिंह ने अस्पताल छोड़ दिया था। इसके बाद एकमात्र आर्थो सर्जन ऋषिकांत वर्मा ही बचे थे। सोमवार को ऋषिकांत वर्मा भी अचानक अवकाश पर चले गए। इस कारण ओपीडी में आए हड्डी रोगियों को इलाज नहीं मिला। दिव्यांग बोर्ड में आए दिव्यांगों के प्रमाण पत्रों पर भी रिपोर्ट नहीं लग पाई। दूरदराज से आए दिव्यांगजन बिना काम हुए घर लौटने को मजबूर हुए। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में कुल 1077 मरीज पहुंचे थे। इनमें से 200 से अधिक हड्डी के मरीज थे। दिव्यांग बोर्ड में 35 से अधिक दिव्यांगजन आए थे।
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ईएनटी सर्जन के लिए भी लंबा इंतजार
अस्पताल में ईएनटी सर्जन नवनीत कुमार तीन दिन बाद सोमवार को पहुंचे। उनके कमरे में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। ईएनटी सर्जन दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद ही दिव्यांग बोर्ड की सीट पर पहुंच सके। सुबह आठ बजे से इंतजार कर रहे दिव्यांगों को कई घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी।
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लोहिया अस्पताल के सीएमएस जगमोहन शर्मा ने डॉक्टरों की कमी को समस्या बताया। उन्होंने कहा कि एक आर्थो सर्जन ने नौकरी छोड़ दी है। दूसरे अचानक बीमार होने के कारण अस्पताल नहीं आ सके। दिव्यांग बोर्ड में आए लोगों की रिपोर्ट मंगलवार को लगा दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि ईएनटी सर्जन कोर्ट में गवाही और पोस्टमार्टम ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे रोजाना ओपीडी में नहीं बैठ पाते।