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UP: युवतियों को कोड वर्ड नाम से बुलाता था अखिलेश, इन्हीं लड़कियों से लिखाए थे दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आठ मामले
Sat, 23 Aug 2025 03:36 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 23 Aug 2025 03:36 PM IST
सार
अखिलेश दुबे के इशारे पर एक युवती ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आठ मामले लिखाए थे। दो साल में शहर के कई थानों में रिपोर्ट दर्ज कराईं थी। युवती निरालानगर में किराये पर परिवार संग रहती है।
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अखिलेश दुबे
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में अधिवक्ता अखिलेश दुबे के इशारों पर लोगों को छेड़खानी और दुष्कर्म के झूठे मामलों में फंसाने वाली युवती की पुलिस ने पहचान कर ली है। वह किदवईनगर थानाक्षेत्र के निरालानगर यू-ब्लॉक इलाके में एक मकान में किराये पर रहती है।
अखिलेश उसे एमएस नाम से बुलाता था। उसने दो साल में कई थानों में छेड़खानी और दुष्कर्म के आठ मामले दर्ज कराए थे। इनमें उसने होटल के मैनेजर से लेकर सहकर्मी तक पर आरोप लगाए थे। पुलिस अधिकतर मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने लाखों रुपये की वसूली के लिए दुष्कर्म और छेड़छाड़ के झूठे मामले दर्ज कराने के लिए कुछ चुनिंदा लड़कियों को ही मोहरा बनाया था। वह इन युवतियों को ''एमएस'', ''पीटी'', ''आरके'' और ''जीएस'' कोड वर्ड से बुलाता था।
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इन्हीं युवतियों से ही लोगों के खिलाफ झूठे आरोप लगवाकर रिपोर्ट दर्ज कराता था। उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने जब दो वर्षों में दुष्कर्म और छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीड़िताओं की पड़ताल करवाई तो चौंकाने वाली बात सामने आई।
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अखिलेश उसे एमएस नाम से बुलाता था। उसने दो साल में कई थानों में छेड़खानी और दुष्कर्म के आठ मामले दर्ज कराए थे। इनमें उसने होटल के मैनेजर से लेकर सहकर्मी तक पर आरोप लगाए थे। पुलिस अधिकतर मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने लाखों रुपये की वसूली के लिए दुष्कर्म और छेड़छाड़ के झूठे मामले दर्ज कराने के लिए कुछ चुनिंदा लड़कियों को ही मोहरा बनाया था। वह इन युवतियों को ''एमएस'', ''पीटी'', ''आरके'' और ''जीएस'' कोड वर्ड से बुलाता था।
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इन्हीं युवतियों से ही लोगों के खिलाफ झूठे आरोप लगवाकर रिपोर्ट दर्ज कराता था। उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने जब दो वर्षों में दुष्कर्म और छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीड़िताओं की पड़ताल करवाई तो चौंकाने वाली बात सामने आई।
एमएस कोडनेम वाली 25 साल की इस युवती ने आठ मामले दर्ज कराए हैं। पुलिस अब इसे तलाश कर रही है। अखिलेश की गिरफ्तारी के बाद से युवती घर से गायब है। उसके माता-पिता और छोटा भाई घर में हैं। पुलिस ने सभी से पूछताछ की है।
परिजनों के अनुसार, युवती प्राइवेट नौकरी करती है। उसने कहां और कौन सी रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। कई दिन पहले शाम को मंदिर जाने की बात कहकर गई थी और उसके बाद से नहीं लौटी। हालांकि जब पुलिस ने पूछा कि उन लोगों ने कोई गुमशुदगी क्यों नहीं दर्ज कराई, तो परिजनों ने कहा कि उम्मीद है कि जल्द लौट आएगी। वहीं, जब उसके मोबाइल नंबर के बारे में पुलिस ने पूछा तो परिजनों ने बेटी का मोबाइल नंबर पास होने से इन्कार कर दिया।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि युवती के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस टीम घर गई थी, परिजनों ने उसके बारे में जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
ये केस हैं बानगी
केस 1: रॉयल गोल्ड ग्लैक्सी के मैनेजर विशाल वर्मा के खिलाफ ''एमएस'' कोडनेम वाली युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
केस 2: मोबाइल की दुकान पर काम करने वाले अंकित मेहरोत्रा के खिलाफ एमएस ने दुष्कर्म और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
केस 1: रॉयल गोल्ड ग्लैक्सी के मैनेजर विशाल वर्मा के खिलाफ ''एमएस'' कोडनेम वाली युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
केस 2: मोबाइल की दुकान पर काम करने वाले अंकित मेहरोत्रा के खिलाफ एमएस ने दुष्कर्म और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।